July 24, 2026

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दिल्ली कूच से पहले संयुक्त पत्रकार महासभा के पदाधिकारी नजरबंद, राष्ट्रपति के नाम कार्यालय पर ही सौंपा गया ज्ञापन

संयुक्त पत्रकार महासभा के पदाधिकारी

संयुक्त पत्रकार महासभा के पदाधिकारी

हस्तिनापुर (मेरठ)। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध कार्यक्रम से पहले पुलिस-प्रशासन ने संयुक्त पत्रकार महासभा के पदाधिकारियों को उनके कार्यालयों एवं आवासों पर ही रोक दिया। संगठन के पदाधिकारी पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में दिल्ली कूच कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने वाले थे, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई के चलते उनका कार्यक्रम स्थगित हो गया।

संयुक्त पत्रकार महासभा के जिला अध्यक्ष प्रिंस रस्तोगी के नेतृत्व में संगठन के सदस्य जंतर-मंतर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले ही पुलिस-प्रशासन ने संगठन के पदाधिकारियों को उनके कार्यालयों और आवासों पर ही रोक दिया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्राप्त किया।

ज्ञापन में मांग की गई कि जंतर-मंतर पर समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों के साथ हुई कथित अभद्रता एवं दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही भविष्य में समाचार कवरेज के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने की भी मांग की गई, ताकि मीडिया कर्मी बिना किसी भय के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।

जिला उपाध्यक्ष परविंदर उर्फ जैन साहब ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और उनके सम्मान एवं सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगा।

इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोनू कुमार, राष्ट्रीय संरक्षक रोहित दिलावर, रविंद्र कुमार, रिंकू, रूपेश चौहान, संदीप सहित संयुक्त पत्रकार महासभा के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।