सहारनपुर के मुस्लिम कारीगरों ने तैयार किए कांवड़ियों के लिए स्पेशल परिधान, पश्चिमी यूपी के बाजारों में रहेगी मांग
सहारनपुर के मुस्लिम कारीगरों ने तैयार किए कांवड़ियों के लिए स्पेशल परिधान, पश्चिमी यूपी के बाजारों में रहेगी मांग
सहारनपुर: कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज़ होने के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रेडीमेड गारमेंट उद्योग में भी रौनक लौट आई है। रेडीमेड कपड़ों के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान रखने वाला सहारनपुर इन दिनों कांवड़ियों के लिए विशेष परिधान तैयार करने में जुटा हुआ है।
स्थानीय बाजारों और गारमेंट इकाइयों में कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए भगवा रंग की टी-शर्ट, लोअर, कुर्ते, गमछे और अन्य विशेष परिधान तैयार किए जा रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि इन कपड़ों की सप्लाई मेरठ, मुजफ्फरनगर, हरिद्वार मार्ग, बागपत, शामली, बिजनौर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई अन्य शहरों में की जाएगी।
इस उद्योग की खास बात यह है कि इन परिधानों को तैयार करने में बड़ी संख्या में मुस्लिम कारीगर भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। सिलाई, कटिंग, फिनिशिंग और पैकिंग जैसे कार्यों में लगे कारीगर समय पर ऑर्डर पूरे करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
गारमेंट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि कांवड़ यात्रा का सीजन उनके लिए महत्वपूर्ण व्यापारिक अवसर लेकर आता है। यात्रा शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में ऑर्डर मिल जाते हैं, जिससे स्थानीय उद्योग और श्रमिकों को रोजगार मिलता है।
सहारनपुर लंबे समय से रेडीमेड गारमेंट निर्माण के लिए जाना जाता है। यहां तैयार होने वाले कपड़े देश के कई राज्यों तक भेजे जाते हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान धार्मिक परिधानों की मांग बढ़ने से स्थानीय बाजार और छोटे उद्योगों को भी गति मिलती है।
व्यापारियों के अनुसार, इस समय उत्पादन बढ़ा दिया गया है ताकि यात्रा शुरू होने से पहले सभी ऑर्डर समय पर पूरे किए जा सकें। बाजार में अलग-अलग डिज़ाइन और प्रिंट वाले परिधानों की भी अच्छी मांग देखने को मिल रही है।
अब आगे क्या?
जैसे-जैसे कांवड़ यात्रा नज़दीक आएगी, सहारनपुर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में तैयार परिधानों की सप्लाई और तेज़ होगी। कारोबारियों को इस सीजन में अच्छे व्यापार की उम्मीद है, जबकि स्थानीय कारीगरों के लिए भी यह समय रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
