फलावदा थाने में व्यापारियों का हंगामा: महिला थानाध्यक्ष की भाषा शैली पर उठे सवाल, धरने पर बैठे व्यापारी

रठ के फलावदा थाने में व्यापारियों और महिला थाना प्रभारी पूनम जादौन के बीच विवाद
मेरठ। मेरठ जिले के फलावदा थाने में शनिवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया जब स्थानीय व्यापारियों और थाना प्रभारी के बीच कहासुनी के बाद मामला थाने तक पहुंच गया। नाराज व्यापारियों ने थाने पहुंचकर धरना दिया और थाना प्रभारी के व्यवहार तथा बातचीत की शैली पर गंभीर आपत्ति जताई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि फलावदा पैंठ बाजार में किसी विवाद को लेकर थाना प्रभारी पूनम जादौन मौके पर पहुंचीं। इस दौरान व्यापारियों का आरोप है कि थाना प्रभारी ने बातचीत के दौरान आपत्तिजनक और असम्मानजनक भाषा का प्रयोग किया। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें “तू-तड़ाक” जैसी भाषा में संबोधित किया गया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
विवाद बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में व्यापारी फलावदा थाने पहुंच गए और थाना परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने थाना प्रभारी के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की।
व्यापारियों ने लगाए गंभीर आरोप
धरने पर बैठे व्यापारियों का आरोप है कि बातचीत के दौरान भी थाना प्रभारी का रवैया नहीं बदला। उनका दावा है कि थाना प्रभारी ने उन पर गुंडागर्दी के आरोप लगाए और कथित तौर पर भावनात्मक बातें भी कहीं। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस अधिकारियों का व्यवहार जनता के प्रति सम्मानजनक होना चाहिए।
थाना प्रभारी का पक्ष
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, थाना प्रभारी पूनम जादौन ने व्यापारियों के आरोपों को स्वीकार नहीं किया और घटनाक्रम को अलग तरीके से प्रस्तुत किया। इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आने का इंतजार है।
पहले भी रह चुकी हैं मवाना में तैनात
पूनम जादौन इससे पहले मवाना थाने में थाना प्रभारी के पद पर तैनात रह चुकी हैं। वर्तमान में वह मेरठ जिले के फलावदा थाने की प्रभारी हैं।
जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर मामले की चर्चा तेज है। यदि व्यापारियों की ओर से औपचारिक शिकायत दी जाती है तो पुलिस विभाग मामले की जांच कर सकता है। फिलहाल इस प्रकरण में किसी विभागीय कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने क्या कहा
घटना के बाद मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना पक्ष रखते हुए बताया कि कांवड़ मेला-2026 के मद्देनजर प्रभारी निरीक्षक फलावदा पुलिस बल के साथ कस्बे में पैदल गश्त कर रहे थे। इस दौरान सड़क किनारे अतिक्रमण न करने के लिए दुकानदारों और ठेला संचालकों को निर्देश दिए गए थे।
पुलिस के अनुसार, इसके बाद कुछ व्यापारी पुलिस पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए थाने पहुंचे। हालांकि, अधिकारियों ने सभी व्यापारियों से वार्ता की और उन्हें समझा-बुझाकर आपसी सहमति के साथ वापस भेज दिया। पुलिस ने अपने बयान में किसी तरह के विवाद या अभद्र भाषा के आरोप की पुष्टि नहीं की है।।
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