July 24, 2026

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मेरठ के परीक्षितगढ़ में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान बड़ा हादसा, हाईटेंशन लाइन से रथ टकराया, एक की मौत, 11 घायल

मेरठ के परीक्षितगढ़ में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान बड़ा हादसा, हाईटेंशन लाइन से रथ टकराया, एक की मौत, 11 घायल

मेरठ के परीक्षितगढ़ में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान बड़ा हादसा, हाईटेंशन लाइन से रथ टकराया, एक की मौत, 11 घायल

मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के परीक्षितगढ़ कस्बे में शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। रथ का ऊपरी हिस्सा 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया, जिससे पूरे रथ में करंट फैल गया। हादसे में एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य लोग झुलस गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और धार्मिक उत्सव मातम में बदल गया।

बारिश के बीच निकली थी रथयात्रा

जानकारी के अनुसार, परीक्षितगढ़ स्थित ओम पब्लिक स्कूल में पिछले पांच दिनों से भगवान जगन्नाथ की शोभायात्रा और धार्मिक कथा का आयोजन चल रहा था। वृंदावन के महाराज रोहित रिसालिया द्वारा कथा का समापन गुरुवार शाम को हुआ था। शुक्रवार दोपहर बैंड-बाजों और जयकारों के बीच भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई, जिसमें करीब दो हजार श्रद्धालु शामिल थे।

पूजा से पहले ही खींच दिया गया रथ

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भगवान जगन्नाथ को रथ पर विराजमान करने के बाद विधिवत पूजा-अर्चना की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान बारिश शुरू होने पर कुछ लोगों ने रथ की रस्सी पकड़कर उसे आगे बढ़ाना शुरू कर दिया। वहां मौजूद कुछ श्रद्धालुओं ने इसका विरोध भी किया, लेकिन रथ आगे बढ़ता रहा।

जैसे ही रथ रजवाहे की पटरी की ओर पहुंचा, उसका ऊपरी हिस्सा ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से छू गया। इसके बाद पूरे रथ में करंट फैल गया और रथ पर सवार व आसपास मौजूद कई श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए।

एक श्रद्धालु की मौत, कई घायल

हादसे में परीक्षितगढ़ निवासी सचिन (30) गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सचिन मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में माता-पिता, एक छोटा भाई और दो बहनें हैं। उनकी मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

घटना में झुलसे 11 श्रद्धालुओं को सीएचसी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घायलों में प्रियांशु, विवेक, मनीष (औरंगाबाद), शिवम, यश, पीहू (परीक्षितगढ़), निमेष (अहमदपुरी), महाराज भरतदास (लखीमपुर खीरी), राजेश मिश्रा सहित अन्य लोग शामिल हैं। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है।

चश्मदीदों ने बताया हादसे का मंजर

घायल भरत दास ने बताया कि श्रद्धालु पीछे से रथ को धक्का लगा रहे थे। तभी रथ का ऊपरी हिस्सा हाईटेंशन लाइन से टकरा गया और पूरे रथ में करंट दौड़ गया।

प्रत्यक्षदर्शी विक्की त्यागी के अनुसार, पिछले छह दिनों से धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था। रथयात्रा शुरू होने से पहले ही हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि बिजली आपूर्ति समय पर बंद होने से बड़ा हादसा टल गया।

घायल चेतन सैनी ने कहा कि रथ की ऊंचाई अधिक होने के कारण यह दुर्घटना हुई। करंट लगते ही कई लोग बेहोश होकर गिर पड़े, जिन्हें स्थानीय लोगों ने संभालकर अस्पताल पहुंचाया।

रथ की ऊंचाई पर पहले भी जताई गई थी आपत्ति

हादसे की सूचना मिलते ही एसपी देहात अभिजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार, इस बार धार्मिक आयोजन के मुख्य यजमान समाजसेवी अतुल शर्मा थे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रथ की ऊंचाई करीब 14 फीट थी और इसे लेकर पहले भी पुलिस ने आपत्ति जताई थी। हालांकि, आयोजन जारी रहा। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं।

डीएम बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई

मेरठ के जिलाधिकारी वीके सिंह ने बताया कि हादसे में करीब 11 लोग करंट की चपेट में आए हैं। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकांश की हालत सामान्य है, जबकि एक महिला को बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं तथा पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

हादसे में झुलसे लोग


अब आगे क्या?

  • पुलिस हादसे के कारणों और सुरक्षा चूक की जांच करेगी।
  • रथ की ऊंचाई और बिजली लाइन के बीच सुरक्षा मानकों की पड़ताल होगी।
  • जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
  • घायलों का उपचार जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।