July 23, 2026

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जंतर-मंतर प्रदर्शन में RAF की पैलेट गन के इस्तेमाल का दावा, पत्रकार समेत कई लोगों के छर्रे लगने की चर्चा

जंतर-मंतर प्रदर्शन में RAF की पैलेट गन के इस्तेमाल का दावा, पत्रकार समेत कई लोगों के छर्रे लगने की चर्चा

जंतर-मंतर प्रदर्शन में RAF की पैलेट गन के इस्तेमाल का दावा, पत्रकार समेत कई लोगों के छर्रे लगने की चर्चा

नई दिल्ली: 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग को लेकर एक नया दावा सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान ने भीड़ नियंत्रण के दौरान पंप एक्शन पैलेट गन का इस्तेमाल किया।

दावे के अनुसार, वीडियो की पुष्टि के लिए पुलिस और RAF से जुड़े कुछ सूत्रों से जानकारी ली गई। सूत्रों के हवाले से कहा गया कि वीडियो में दिखाई दे रहा हथियार पंप एक्शन गन प्रतीत होता है, जिसमें 12 बोर के विशेष कारतूस का उपयोग किया जाता है। बताया गया कि कारतूस फटने पर छोटे-छोटे छर्रे निकलते हैं, जो शरीर में धंस सकते हैं।

जानकारी के अनुसार, इस तरह के हथियार का इस्तेमाल दंगा नियंत्रण और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए किया जाता है। सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, सामान्य परिस्थितियों में इसे गैर-घातक (Less-Lethal) श्रेणी का हथियार माना जाता है, लेकिन यदि बहुत नजदीक से चलाया जाए या संवेदनशील अंगों पर लगे तो गंभीर चोट पहुंच सकती है। आंख पर लगने की स्थिति में स्थायी नुकसान की आशंका भी हो सकती है।

इसी बीच यह दावा भी किया जा रहा है कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान कुछ पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों को छर्रे लगे। हालांकि, इन दावों की अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि घायल हुए लोगों की चिकित्सीय रिपोर्ट में पैलेट गन के छर्रों की पुष्टि हुई है या नहीं।

20 जुलाई को जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, लाठीचार्ज, आंसू गैस और तनाव की घटनाएं सामने आई थीं। उसी घटनाक्रम के बाद अब पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर भी बहस शुरू हो गई है।

News Highway इस मामले में केवल उपलब्ध दावों और सामने आई जानकारी के आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहा है। संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच रिपोर्ट सामने आने पर तथ्य और स्पष्ट हो सकेंगे।


अब आगे क्या?

अब नजर इस बात पर रहेगी कि दिल्ली पुलिस, RAF या गृह मंत्रालय इस दावे पर कोई आधिकारिक बयान जारी करते हैं या नहीं। यदि मामले की जांच होती है, तो यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि प्रदर्शन के दौरान किस प्रकार के बल और उपकरणों का इस्तेमाल किया गया था तथा घायल लोगों की चोटों की प्रकृति क्या थी।

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