पीले रंग में रंगा डी मोंनफोर अकादमी का परिसर, मैंगो पार्टी और येलो डे में बच्चों ने की जमकर मस्ती
बहसूमा स्थित डी मोंनफोर अकादमी के किंडरगार्टन विंग में रंगों, गीतों और आम की मिठास के बीच बच्चों ने खेल-खेल में सीखा सीखने का नया तरीका।
बहसूमा (मेरठ)। बहसूमा स्थित डी मोंनफोर अकादमी के किंडरगार्टन विंग में शनिवार को मैंगो पार्टी एवं येलो डे का रंगारंग आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों को रंगों की पहचान, मौसमी फलों के महत्व और मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर प्रदान करना था। पूरे आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर पीले रंग की छटा से सराबोर नजर आया और बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
विद्यालय पहुंचे सभी बच्चे आकर्षक पीले रंग की वेशभूषा में नजर आए। बच्चों ने हिंदी और अंग्रेजी की मनमोहक कविताएं प्रस्तुत कीं तथा येलो कलर से जुड़ी विभिन्न वस्तुओं, फलों और प्रकृति के बारे में रोचक जानकारी साझा की। शिक्षिकाओं ने भी बच्चों के साथ विभिन्न शिक्षाप्रद गतिविधियों में भाग लेकर कार्यक्रम को यादगार बनाया।
मैंगो पार्टी बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण मैंगो पार्टी रही। बच्चों ने गर्मियों के राजा आम का स्वाद लिया और आम से बने विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद उठाया। इसके साथ ही गीत-संगीत, खेल और रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे आयोजन के दौरान बच्चों की मुस्कान और उत्साह ने माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया।
खेल-खेल में सीखना है सबसे प्रभावी तरीका
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। खेल-खेल में सीखने से बच्चों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होता है, जिससे वे पढ़ाई के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान भी सहजता से प्राप्त करते हैं।
प्रारंभिक शिक्षा को बनाया आनंदमय
विद्यालय की निर्देशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा का उद्देश्य बच्चों को आनंदमय वातावरण में सीखने के अवसर देना है। ऐसे आयोजन बच्चों को रंगों, फलों और प्रकृति से जोड़ते हैं तथा उनके सीखने के अनुभव को अधिक रोचक और यादगार बनाते हैं।
केवल किताबों तक सीमित नहीं है शिक्षा
विद्यालय के निर्देशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। रचनात्मक और अनुभवात्मक गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनके सामाजिक कौशल, सहभागिता और आत्मविश्वास को भी मजबूत बनाती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि भविष्य में भी बच्चों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार के नवाचारपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
