July 24, 2026

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बहसूमा में किसान गोष्ठी: वैज्ञानिक खेती, कीट-रोग नियंत्रण और दुर्घटना बीमा योजना की दी जानकारी

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मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के ग्राम मोहम्मदपुर सकिष्ठ में किसान गोष्ठी आयोजित हुई। गन्ना विभाग और टिकौला शुगर मिल के अधिकारियों ने किसानों को वैज्ञानिक खेती, कीट-रोग नियंत्रण और किसान दुर्घटना बीमा योजना की जानकारी दी।

बहसूमा (मेरठ)। गन्ना उत्पादन बढ़ाने और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से ग्राम मोहम्मदपुर सकिष्ठ में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। रविदत्त शर्मा के आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में गन्ना विभाग और टिकौला शुगर मिल के अधिकारियों ने किसानों को उन्नत गन्ना उत्पादन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा किसान दुर्घटना बीमा योजना की विस्तृत जानकारी दी।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए ज्येष्ठ गन्ना विकास अधिकारी शोबीर सिंह ने कहा कि किसान यदि वैज्ञानिक खेती की तकनीकों को अपनाएं तो कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने गन्ना फसल में लगने वाले प्रमुख कीटों और रोगों की जानकारी देते हुए विशेष रूप से लाल सड़न (रेड रॉट) और पोक्का बोइंग रोग की पहचान, रोकथाम और उपचार के प्रभावी उपाय बताए।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने खेतों का नियमित निरीक्षण करें और फसल में रोग के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत गन्ना विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें, ताकि समय रहते उचित उपचार किया जा सके।

कार्यक्रम में गन्ना सुपरवाइजर ओमप्रकाश (गन्ना समिति रामराज), टिकौला शुगर मिल के केन मैनेजर दीपक कुमार, गन्ना अधिकारी मनोज राठी, गन्ना सुपरवाइजर रामेंद्र सिंह तथा गन्ना अधिकारी आयुष कुमार ने किसानों को उन्नत गन्ना प्रजातियों, वैज्ञानिक खेती की आधुनिक तकनीकों, विभागीय योजनाओं और किसान दुर्घटना बीमा योजना के लाभ एवं आवेदन प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी।

गोष्ठी के दौरान किसानों ने गन्ना खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके समाधान का आश्वासन दिया और अधिक उत्पादन व बेहतर आय के लिए वैज्ञानिक खेती अपनाने का आह्वान किया।

अब आगे क्या?

  • गन्ना विभाग किसानों को वैज्ञानिक खेती के प्रति लगातार जागरूक करेगा।
  • खेतों में कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी की जाएगी।
  • किसान दुर्घटना बीमा योजना का अधिक से अधिक किसानों तक लाभ पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
  • टिकौला शुगर मिल और गन्ना विभाग किसानों के साथ समय-समय पर ऐसी गोष्ठियों का आयोजन करेंगे।