August 25, 2026

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मवाना में भीकुंड पुल की जर्जर हालत पर भाकियू चढ़नी का प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

मवाना। चांदपुर मार्ग पर स्थित भीकुंड पुल की जर्जर हालत को लेकर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) चढ़नी ने मवाना तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने बाइक रैली निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और उप जिलाधिकारी (एसडीएम) संतोष कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए पुल के स्थायी समाधान की मांग की।

भाकियू कार्यकर्ताओं का कहना है कि भीकुंड पुल की खराब स्थिति वर्षों से क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। उनका आरोप है कि हर साल पुल के क्षतिग्रस्त होने से लाखों रुपये का नुकसान होता है और रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीणों, वाहन चालकों, किसानों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

संगठन के नेतृत्वकर्ता धनसिंह कोतवाल गुर्जर ने कहा कि अस्थायी मरम्मत के बजाय पुल का स्थायी और तकनीकी रूप से मजबूत निर्माण कराया जाना चाहिए। ज्ञापन में मांग की गई कि पुल को चार हिस्सों में लगभग 15-15 फीट की दूरी पर आधुनिक तकनीक के अनुरूप मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में बार-बार क्षतिग्रस्त होने की समस्या खत्म हो सके और लोगों को सुरक्षित आवागमन मिल सके।

प्रदर्शन के दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो संगठन आगे आंदोलन की रणनीति भी बना सकता है।

वहीं, एसडीएम संतोष कुमार सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित विभाग से रिपोर्ट मंगाने और मामले में आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।

इस मौके पर धनसिंह कोतवाल गुर्जर, राहुल गुर्जर, रुद्र प्रताप सिंह, अनुराग गुर्जर, पिंटू गुर्जर, मनोज बंसल, रोहित आहुजा, अंकित सैनी, एडवोकेट सुहेल राणा समेत भारतीय किसान यूनियन (चढ़नी) के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अब आगे क्या?

अब निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि पुल के स्थायी निर्माण को लेकर कोई योजना या बजट स्वीकृत होता है, तो क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिल सकती है। फिलहाल प्रशासन ने मामले में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है।

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