नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और रिजल्ट में पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर एक कविता साझा की है। इस पोस्ट के साथ उन्होंने आंदोलन से जुड़े दो वीडियो भी साझा किए हैं।
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा—
**”निराशा में आँख का पानी
जब समुंदर बन जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!!!कोई अपनी ताक़त पर
जब सर उठा इठलाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!हुक़ूमतों का घमंड-गुरूर
जब पर्वत सा बन जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!!!दौर जब नाइंसाफ़ी का
हद ही पार कर जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!जब-जब देश का भविष्य
पूरा दांव पर लग जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!!!”**
इस पोस्ट को छात्र आंदोलन से जोड़कर देखा जा रहा है। पोस्ट के साथ साझा किए गए दोनों वीडियो में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की झलक दिखाई गई है। हालांकि, पोस्ट में अखिलेश यादव ने किसी व्यक्ति या संस्था का नाम लेकर प्रत्यक्ष टिप्पणी नहीं की है।
जंतर-मंतर पर हजारों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर भी लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।