मेरठ: सेंट्रल मार्केट से विस्थापित हुए व्यापारियों के पुनर्वास को लेकर एक नई पहल सामने आई है। मेरठ नगर निगम के वार्ड-45 के पार्षद दिग्विजय चौहान ने उत्तर प्रदेश सरकार के मेरठ के प्रभारी मंत्री असीम अरुण को एक प्रस्ताव पत्र सौंपकर विस्थापित व्यापारियों को जल्द वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की मांग की।
प्रस्ताव में सुझाव दिया गया है कि स्कीम नंबर-7, सेक्टर-3 स्थित नगर निगम की लगभग 3,300 वर्गमीटर भूमि पर प्रभावित व्यापारियों को व्यवस्थित रूप से स्थापित किया जाए। पार्षद ने मंत्री को प्रस्ताव के सभी बिंदुओं से विस्तार से अवगत कराया और इसे व्यापारियों की आजीविका से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया।
दिग्विजय चौहान का कहना है कि सेंट्रल मार्केट से प्रभावित व्यापारियों के सामने रोजगार और व्यापार जारी रखने की बड़ी चुनौती है। ऐसे में नगर निगम की उपलब्ध भूमि का उपयोग कर उन्हें एक व्यवस्थित बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है, जिससे व्यापारियों को राहत मिलेगी और शहर की व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित नहीं होंगी।
पार्षद ने बताया कि इस प्रस्ताव की प्रतिलिपि पहले ही मेरठ की महापौर, मेरठ मंडल के आयुक्त और नगर निगम मेरठ के नगर आयुक्त को भी भेजी जा चुकी है, ताकि इस दिशा में प्रशासनिक स्तर पर जल्द निर्णय लिया जा सके।
गौरतलब है कि सेंट्रल मार्केट से जुड़े मामले में कई व्यापारी विस्थापन के बाद पुनर्वास की मांग लगातार उठा रहे हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधि की ओर से प्रभारी मंत्री को दिया गया यह प्रस्ताव व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
अब आगे क्या?
- प्रभारी मंत्री असीम अरुण प्रस्ताव पर संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांग सकते हैं।
- नगर निगम की 3,300 वर्गमीटर भूमि की उपलब्धता और उपयोगिता का परीक्षण किया जा सकता है।
- प्रशासन और नगर निगम स्तर पर पुनर्वास योजना पर विचार होने की संभावना है।
- प्रस्ताव पर निर्णय होने के बाद विस्थापित व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ सकती है।
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