योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक सफर: गोरखनाथ मठ से यूपी के शक्तिशाली मुख्यमंत्री तक की कहानी
योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक सफर
उत्तर प्रदेश की राजनीति में योगी आदित्यनाथ का नाम आज मजबूत नेतृत्व, सख्त प्रशासन और निर्णायक शासन के प्रतीक के रूप में लिया जाता है। साधु जीवन से मुख्यमंत्री तक का उनका सफर भारतीय राजनीति के इतिहास में एक अद्भुत मिसाल है। गोरखनाथ मठ के महंत से लेकर देश के सबसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री तक पहुंचने की उनकी ये यात्रा संघर्ष, संकल्प और सेवा भावना से भरी हुई है।
योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के पंचूर गांव में हुआ था। पढ़ाई के बाद वे गोरखपुर पहुंचे और गोरखनाथ मठ के महंत अवैद्यनाथ के शिष्य बने। 1994 में वे गोरखनाथ मठ के महंत बनाए गए, जिसके बाद उनका सामाजिक और जनसेवा जीवन और अधिक सक्रिय हो गया।
1998 में योगी आदित्यनाथ पहली बार गोरखपुर से लोकसभा सांसद चुने गए। उस समय उनकी उम्र मात्र 25 वर्ष थी। इसके बाद वे लगातार 5 बार सांसद बने और पूर्वांचल में एक बड़े जननेता के रूप में स्थापित हुए। 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाया गया। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था सुधार, विकास परियोजनाओं और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक कदम उठाए।
2022 में वे दोबारा सत्ता में लौटे और उत्तर प्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बने जिन्होंने लगातार दूसरा कार्यकाल संभाला। आज योगी आदित्यनाथ न केवल यूपी बल्कि देश की राजनीति में एक मजबूत, सख्त और निर्णायक नेता के रूप में पहचाने जाते हैं।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | योगी आदित्यनाथ (जन्म नाम: अजय सिंह बिष्ट) |
| जन्म तिथि | 5 जून 1972 |
| जन्म स्थान | पंचूर, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) |
| पिता का नाम | आनंद सिंह बिष्ट |
| माता का नाम | सावित्री देवी |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| धर्म | हिन्दू |
| शिक्षा | बी.एससी. (गणित), हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय |
| संन्यास गुरु | महंत अवैद्यनाथ |
| धर्म-पीठ | गोरखनाथ मठ, गोरखपुर |
| धार्मिक पद | गोरखनाथ मठ के पीठाधीश्वर |
| राजनीतिक दल | भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
| पहली बार सांसद | 1998, लोकसभा (गोरखपुर सीट) |
| कुल बार सांसद | 5 बार लगातार |
| मुख्यमंत्री | उत्तर प्रदेश |
| कार्यकाल की शुरुआत | 19 मार्च 2017 |
| लगातार मुख्यमंत्री | 2017 और 2022—दो कार्यकाल |
| प्रमुख पहल | अपराध नियंत्रण, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, धार्मिक-पर्यटन विकास, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण |
| प्रसिद्धि | मजबूत प्रशासक, कठोर कानून-व्यवस्था छवि, हिंदू विचारधारा का प्रमुख चेहरा |
| पसंदीदा कार्य | गौ-सेवा, समाजसेवा, धार्मिक कार्य |
| लेखक के रूप में | कई धार्मिक/सामाजिक विषयों पर लेखन |
2022 में दोबारा सत्ता में वापसी
योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहले ऐसे मुख्यमंत्री बने जिन्होंने न सिर्फ अपना पहला कार्यकाल पूरा किया, बल्कि लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी भी करवाई। 2022 में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद वे फिर मुख्यमंत्री बने और यह सिद्ध कर दिया कि जनता का विश्वास आज भी उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक पहचान
योगी आदित्यनाथ की पहचान एक सख्त प्रशासक, हिन्दुत्व विचारधारा के प्रखर चेहरा और जन नेता के रूप में है। कठोर निर्णय लेने की क्षमता, जनता से सीधा संवाद और विकास कार्यों की निरंतरता उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती है।