लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सभी जिलों में हल्का लेखपालों के लिए तैनाती स्थल के अंतर्गत आने वाले गांवों के पंचायत भवन परिसर में एक कक्ष का निर्माण कराया जाएगा। इसके बाद लेखपालों को गांव में ही रात्रि प्रवास करना अनिवार्य होगा।
इस संबंध में सीनियर पीसीएस अधिकारी अंजू कटियार, ओएसडी (OSD) राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि लेखपालों की गांव में नियमित उपस्थिति से राजस्व कार्यों में पारदर्शिता, भूमि विवादों का त्वरित निस्तारण और ग्रामीणों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
राजस्व परिषद द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार पंचायत भवन परिसर में बनने वाले इस कक्ष में लेखपाल के बैठने, अभिलेख रखने और रात्रि विश्राम की व्यवस्था की जाएगी। इससे लेखपाल गांव स्तर पर ही उपलब्ध रहेंगे और आम जनता को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए तहसील या ब्लॉक कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस व्यवस्था से फील्ड लेवल पर निगरानी मजबूत होगी और लेखपालों की जवाबदेही भी तय की जा सकेगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक पकड़ और तेज होगी।
हालांकि, इस आदेश के बाद लेखपाल संघों और कर्मचारियों की प्रतिक्रिया को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस फैसले को लेकर विभिन्न संगठनों की ओर से अपनी राय सामने आ सकती है।
