मेरठ | 1 फरवरी 2026 (News Highway)
UGC Regulations, 2026 के विरोध में रविवार को मेरठ में सामान्य समाज से जुड़े विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक स्वतंत्र एवं गैर-राजनीतिक सामाजिक-शैक्षणिक मंच 1857 क्रांति मंच के आह्वान पर भगवान परशुराम मंदिर, गांधी आश्रम के पास संपन्न हुई।
बैठक की शुरुआत में उपस्थित सभी संगठनों एवं प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित नई UGC Regulations, 2026 पर माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई अंतरिम रोक के निर्णय का स्वागत करते हुए सुप्रीम कोर्ट के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।
विभिन्न सामाजिक वर्गों की व्यापक भागीदारी
बैठक में वैश्य समाज, क्षत्रिय समाज (करणी सेना, क्षत्रिय महासभा, राजपूत सभा), ब्राह्मण समाज (पंडित एवं त्यागी समाज से जुड़े संगठन), महिला प्रतिनिधि, छात्र प्रतिनिधि, किसान-व्यापारी वर्ग सहित सामान्य समाज के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निष्कर्ष निकाला गया कि UGC Regulations, 2026 में सामान्य समाज के छात्रों एवं शैक्षणिक संस्थानों के हितों की पर्याप्त रक्षा नहीं की गई है। विशेष चिंता इस बात को लेकर जताई गई कि पूर्व में लागू झूठी एवं दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर कार्रवाई से संबंधित स्पष्ट नीति को नए विनियमों से हटा दिया गया है, जिससे शिकायत निवारण प्रणाली के दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है।
केंद्र सरकार को सौंपे जाने वाले ज्ञापन में प्रमुख मांगें
बैठक के उपरांत 1857 क्रांति मंच की ओर से केंद्र सरकार को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से UGC Regulations, 2026 से संबंधित प्रमुख मांगें रखी गईं।
मुख्य मांगें इस प्रकार हैं—
1. झूठी एवं दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर प्रावधान
पूर्ववर्ती UGC Grievance Redressal Regulations, 2018 में झूठी शिकायतों को खारिज करने के स्पष्ट प्रावधान थे, जबकि नए विनियमों में इनका अभाव है।
मांग: झूठी एवं दुर्भावनापूर्ण शिकायतों को निरस्त करने के स्पष्ट प्रावधान पुनः जोड़े जाएं।
2. राज्य शैक्षणिक संस्थानों की स्वायत्तता
संविधान के अनुच्छेद 246 एवं सातवीं अनुसूची के अनुसार शिक्षा केंद्र एवं राज्यों का साझा विषय है।
मांग: नए विनियमों में ऐसा संतुलन सुनिश्चित किया जाए जिससे राज्य संचालित शैक्षणिक संस्थानों की प्रशासनिक एवं शैक्षणिक स्वायत्तता प्रभावित न हो।
3. सामान्य समाज के अधिकारों की सुरक्षा
नई UGC Regulations में सामान्य समाज के छात्रों एवं शिक्षण संस्थानों के हितों की रक्षा हेतु ठोस प्रावधानों का अभाव है।
मांग: सामान्य समाज के अधिकारों की सुरक्षा हेतु स्पष्ट और प्रभावी प्रावधान जोड़े जाएं।
आंदोलनात्मक एजेंडा भी सर्वसम्मति से पारित
बैठक में निम्नलिखित आंदोलनात्मक एजेंडा सर्वसम्मति से पारित किया गया—
- सामान्य समाज के जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
- सभी राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों को ज्ञापन दिया जाएगा।
- UGC Regulations के विरोध में हस्ताक्षर अभियान एवं जनसंपर्क कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
- सामान्य समाज की एक समन्वय समिति (Coordination Committee) का गठन किया जाएगा।
- सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में यह भी स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि UGC Regulations, 2026 में सामान्य समाज के हितों की रक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो सामान्य समाज के सभी संगठन मिलकर गांव-गांव जनजागरूकता अभियान, स्थानीय पंचायतें और मेरठ में एक भव्य महापंचायत का आयोजन करेंगे।
नेताओं के बयान
अभिमन्यु त्यागी ने कहा,
“UGC Regulations, 2026 के जरिए सामान्य समाज के छात्रों और शिक्षण संस्थानों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। यदि समय रहते संशोधन नहीं हुए तो यह आंदोलन पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैलाया जाएगा।”
ठाकुर संजय सोम ने कहा,
“यह लड़ाई किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि पूरे सामान्य समाज के भविष्य की है। नए विनियमों में संतुलन का अभाव है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में अराजकता पैदा हो सकती है।”
दीपक शर्मा (चोटी) ने कहा,
“झूठी और दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर कार्रवाई की व्यवस्था हटाना बेहद खतरनाक है। इससे शिक्षकों और संस्थानों का अनावश्यक उत्पीड़न होगा।”
अरविंद शर्मा और पंडित नवीन शर्मा ने कहा,
“संविधान के अनुसार शिक्षा केंद्र और राज्यों का साझा विषय है। नए विनियम राज्य शैक्षणिक संस्थानों की स्वायत्तता को प्रभावित कर रहे हैं।”
रंजन शर्मा, सुमित शर्मा (पार्षद), अभिषेक गहलोत, अश्विनी कौशिक, मनीष पहलवान, तरुण शर्मा एवं नानू शर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि यदि सरकार ने संवाद और संशोधन का रास्ता नहीं अपनाया, तो सामान्य समाज सड़क से संसद तक अपनी आवाज़ बुलंद करेगा।
हजारों की संख्या में लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर अभिमन्यु त्यागी, संजय सोम, दीपक शर्मा, अरविंद शर्मा, अभिषेक गहलोत, सागर रस्तोगी, रंजन शर्मा, सुमित शर्मा पार्षद, गौरव शर्मा ट्रांसपोर्टर, डॉ. सचिन त्यागी, अश्विनी कौशिक, अरुण त्यागी, विक्रांत वशिष्ठ त्यागी, विपिन त्यागी, नितिन गर्ग, हितेश रस्तोगी, प्रिंस, युवराज मुखिया, मनीष पहलवान, तरुण शर्मा सहित हजारों लोग मौजूद रहे।
