सोनभद्र | उत्तर प्रदेश की अंतिम विधानसभा सीट दुद्धी से समाजवादी पार्टी के विधायक विजय सिंह गोड़ का निधन हो गया। उनके असामयिक निधन की खबर से पूरे सोनभद्र जनपद, विशेषकर आदिवासी अंचल में शोक की लहर दौड़ गई है। राजनीतिक, सामाजिक और जनजीवन से जुड़े लोग इस दुखद समाचार से स्तब्ध हैं।
दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से लगातार सक्रिय रहे सपा विधायक विजय सिंह गोड़ को आदिवासी समाज की सशक्त और मुखर आवाज के रूप में जाना जाता था। सादगीपूर्ण जीवन, सहज व्यवहार और संघर्षशील छवि के कारण वे जनता के बीच अत्यंत लोकप्रिय थे। उन्होंने हमेशा जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की मजबूती से पैरवी की और क्षेत्र के आदिवासी व वंचित समाज के हितों को प्राथमिकता दी।
विधायक विजय सिंह गोड़ ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों को विधानसभा से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाया। दुद्धी क्षेत्र के पिछड़ेपन को लेकर वे लगातार सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते रहे और क्षेत्रीय विकास के लिए संघर्ष करते रहे। उनकी राजनीति जमीन से जुड़ी हुई थी, इसी कारण उन्हें एक जमीनी नेता के रूप में पहचान मिली।
निधन की सूचना मिलते ही उनके आवास पर समर्थकों, स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की भारी भीड़ जुटने लगी। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं के साथ-साथ अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी उनके निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।
सपा जिला अध्यक्ष राम निहोर यादव ने विधायक विजय सिंह गोड़ के निधन को पार्टी और दुद्धी विधानसभा क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि “हम लोगों के बीच रहकर संघर्ष करने वाला एक योद्धा आज हमारे बीच नहीं रहा। विजय सिंह गोड़ का जीवन सामाजिक न्याय और जनसेवा को समर्पित था।”
विधायक के निधन से दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक ही नहीं बल्कि सामाजिक शून्यता भी महसूस की जा रही है। आदिवासी समाज ने एक ऐसे नेता को खो दिया है, जो उनकी आवाज बनकर हर मंच पर खड़ा रहता था।
