राकेश टिकैत ने महिला को सौंपा परिवार की जिम्मेदारी, तेरहवीं में शुरू की नई परंपरा
बहसूमा: क्षेत्र के ग्राम मोहम्मदपुर सकिस्त में किसान नेता उदयवीर सिंह की माता विमला देवी की तेरहवीं में पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने समाज में एक नई परंपरा की शुरुआत की। उन्होंने परिवार की बड़ी पुत्रवधू को घर की जिम्मेदारी सौंपकर यह संदेश दिया कि अब महिलाएं भी पारिवारिक नेतृत्व में बराबरी का हक रखती हैं।
शोकसभा को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि समाज में यदि किसी परिवार का पुरुष मुखिया निधन हो जाता है, तो तेरहवीं के बाद बड़े बेटे को पगड़ी पहनाकर परिवार की जिम्मेदारी दी जाती है। लेकिन जब घर की बुजुर्ग महिला का निधन होता है, तो बड़ी बहू को जिम्मेदारी सौंपने की कोई परंपरा नहीं है।
राकेश टिकैत ने कहा, “समय बदल रहा है। महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। ऐसे में समाज को भी नई सोच अपनानी चाहिए। बुजुर्ग महिला के निधन के बाद बड़ी बहू को परिवार की मुखिया की जिम्मेदारी देकर सम्मानित किया जाना चाहिए, ताकि वह पूरे परिवार को एकजुट रखते हुए जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सके।”
इस पहल के तहत टिकैत ने किसान उदयवीर सिंह के बड़े भाई सुधीर कुमार की पत्नी और घर की बड़ी पुत्रवधू सुनीता राठी को घर की चाबी और किसान परिवार की पहचान स्वरूप दराती सौंपकर परिवार की जिम्मेदारी सौंपी।
शोकसभा में मौजूद महिलाओं और ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया और कहा कि इससे समाज में महिलाओं को सम्मान और नई पहचान मिलेगी। इस कार्यक्रम में भाजपा, सपा, बसपा सहित विभिन्न दलों के नेता और किसान संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे और विमला देवी को श्रद्धांजलि दी।