हस्तिनापुर की बेटी प्राची पंवार ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, यूपीएससी में 59वीं रैंक पर भव्य स्वागत
हस्तिनापुर की बेटी प्राची पंवार ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, यूपीएससी में 59वीं रैंक पर भव्य स्वागत
हस्तिनापुर/मवाना।
महाभारत कालीन नगरी हस्तिनापुर क्षेत्र के ग्राम रानी नगला में उस समय जश्न का माहौल देखने को मिला, जब गांव की बेटी प्राची पंवार ने देश की सर्वोच्च प्रशासनिक परीक्षा यूपीएससी में 59वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि पर उनके पैतृक गांव में भव्य स्वागत और अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
प्राची पंवार के स्वागत में मवाना के पक्का तालाब से सैकड़ों ट्रैक्टर और गाड़ियों का काफिला निकाला गया, जो मुख्य मार्गों से होते हुए रानी नगला पहुंचा। गांव में जगह-जगह पुष्प वर्षा, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया गया। पूरे गांव में रोड शो जैसा माहौल बन गया, जहां हर गली और मोहल्ले में लोगों ने अपनी बेटी के सम्मान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस दौरान भाजपा नेत्री संहिता पोसवाल ने दर्जनों महिलाओं के साथ प्राची पंवार को जय श्रीराम का पटका पहनाकर और फूल-मालाओं से स्वागत किया। काफिला सिद्ध बाबा मंदिर के पास स्थित उनके निवास पर पहुंचा, जहां एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी जगबीर सिंह गुर्जर ने की, जबकि संचालन भाजपा मेरठ जिला मंत्री सुनील पोसवाल और प्रवीन खेप्पड़ ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा बुके, मोमेंटो और शॉल ओढ़ाकर किया गया।
इस अवसर पर ग्राम विकास समिति और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने भी प्राची पंवार को शहीद धन सिंह कोतवाल की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने प्राची की इस सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बताया।
अपने संबोधन में आईएएस प्राची पंवार ने कहा कि वह अपने गांव में मिले इस सम्मान से अभिभूत हैं और भविष्य में युवाओं को मार्गदर्शन देने के लिए हमेशा तैयार रहेंगी। उन्होंने कहा कि उनका सपना समाज सेवा करना और अपने गांव व देश का नाम रोशन करना है।
कार्यक्रम के दौरान प्राची पंवार के परिवारजनों—दादी सुमित्रा देवी, पिता राकेश पंवार, माता कविता पंवार सहित अन्य परिजनों को भी सम्मानित किया गया।
इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामवासी और क्षेत्रवासी मौजूद रहे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को उत्सव की तरह मनाया।