लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों पूजा पाल फिर सुर्खियों में हैं। माफिया अतीक अहमद के अंत का कारण मानी जाने वाली और पूर्व सपा विधायक पूजा पाल अब पूरी तरह भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर बढ़ती नज़र आ रही हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम में वह उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के चरण स्पर्श करते हुए दिखाई दीं, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
📌 2027 से पहले भगवा ओढ़ने की तैयारी?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पूजा पाल आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल हो सकती हैं।
BJP के कई नेताओं के साथ लगातार नजदीकियां, पार्टी मंचों पर उपस्थिति और हालिया तस्वीरें इस संभावना को और मजबूत करती हैं।
📌 अतीक अहमद के खिलाफ लड़ाई ने दिलाई बड़ी पहचान
अतीक अहमद के प्रभाव वाले क्षेत्र में पूजा पाल ने अपने पति राजू पाल की हत्या के बाद माफिया के खिलाफ खुलकर मोर्चा लिया था।
अतीक के अपराध जगत के खिलाफ उनकी लड़ाई ने यूपी की राजनीति में उनकी एक अलग पहचान बनाई।
📌 बीजेपी की ‘घर वापसी’ रणनीति पर फिर सफलता?
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि बीजेपी की रणनीति अब भी यही है कि—
“जो जनाधार वाला है, वह पार्टी में जगह पा सकता है।”
यही वजह है कि अलग-अलग पार्टियों से आए चेहरे धीरे-धीरे बीजेपी के मजबूत प्लेटफॉर्म में जमते जा रहे हैं।
📌 विपक्ष में चिंता, BJP में उत्साह
जहां सपा खेमे में पूजा पाल के कदमों को लेकर चिंता बढ़ रही है, वहीं बीजेपी कार्यकर्ता और स्थानीय नेता इसे चुनावी बढ़त मान रहे हैं।
पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि पूजा पाल की मजबूत क्षेत्रीय पकड़ 2027 की जंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
