आज डी पी एम पब्लिक स्कूल परिसर में महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
दीप प्रज्वलन का शुभ कार्य डी पी एम पब्लिक स्कूल के सचिव जगदीश त्यागी एवं प्रधानाचार्य जिया ज़ैदी द्वारा संयुक्त रूप से संपन्न किया गया। इस अवसर पर विद्यालय का वातावरण देशभक्ति के नारों और प्रेरणादायक विचारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के सचिव जगदीश त्यागी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन संघर्ष, अदम्य साहस, अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नेताजी केवल एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि ऐसे महान क्रांतिकारी नेता थे जिन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और विचारों से देशवासियों में आज़ादी की अलख जगाई।
उन्होंने आज़ाद हिंद फौज के गठन, नेताजी के बलिदानों एवं उनके ओजस्वी नारों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा” जैसे नारों का उदाहरण देते हुए उन्होंने युवाओं से देश के प्रति समर्पित रहने और अनुशासन व साहस को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्य जिया ज़ैदी ने अपने संबोधन में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से सीख लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के हिंदी शिक्षक गुलाब सिंह ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नेताजी के स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए योगदान, उनके विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके अद्वितीय समर्पण की जानकारी दी।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्रीय चेतना का विकास करना रहा। अंत में सभी उपस्थित शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
