उन्नाव के अनुराग द्विवेदी की 100 करोड़ कमाई पर सवाल, लक्जरी कारों और विदेशी निवेश से बढ़ा संदेह – जांच तेज
5 साल के अनुराग द्विवेदी की 100 करोड़ की कमाई पर सवाल
न्नाव के 25 साल के अनुराग द्विवेदी की अचानक 100 करोड़ से ज्यादा कमाई पर सवाल उठे। BMW–Mercedes–Lamborghini जैसी कारें, 100 बीघा जमीन, भारत से दुबई तक निवेश… टैक्स देने के बावजूद जांच तेज। पूरी खबर पढ़ें।
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव के रहने वाले अनुराग द्विवेदी पर बीते कुछ वर्षों में अचानक हुई 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। 2019 से 2025 के बीच अनुराग ने इतनी संपत्ति खड़ी की कि हर कोई दंग रह गया। खास बात यह है कि अनुराग ने 9वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी, फिर भी कुछ ही वर्षों में वह करोड़ों की प्रॉपर्टी और महंगी गाड़ियों का मालिक बन गया।
🎯 पढ़ाई छोड़ी, लेकिन कमाई ने चौंकाया
अनुराग के पिता लक्ष्मीनाथ, जो मेडिकल स्टोर चलाते हैं, चाहते थे कि बेटा पढ़ाई करे, लेकिन अनुराग पढ़ाई छोड़कर दूसरी राह पर निकल पड़ा। पिता बताते हैं कि शुरुआत में उसने भाई की सोने की चेन बेचकर फोन खरीदा और वहीं से नई तरह का नेटवर्क और काम शुरू किया। इसके बाद उसकी कमाई तेजी से बढ़ती चली गई।
🚘 6 से ज्यादा लक्जरी कारें, करोड़ों की प्रॉपर्टी
2019 में पहली कार डिज़ायर खरीदी। 2020 के आखिर में BMW ले ली। इसके बाद
✔ मर्सिडीज बेंज
✔ थार
✔ इंडीवर
✔ डिफेंडर
✔ लैंबोर्गिनी
जैसी एक के बाद एक 6 से ज्यादा महंगी कारें खरीद लीं। एक 25 साल के युवा के पास अचानक इतनी संपत्ति देखकर लोग स्वाभाविक रूप से सवाल करने लगे।
🌍 भारत से लेकर दुबई तक निवेश
स्थानीय लोगों के अनुसार अनुराग ने सिर्फ कारें ही नहीं खरीदीं, बल्कि उन्नाव, लखनऊ, दिल्ली से लेकर दुबई तक निवेश किया है। कहा जा रहा है कि परिवार के नाम पर करीब 100 बीघा जमीन, मार्केट और करोड़ों की प्रॉपर्टी मौजूद है। परिवार 3 बीघा में बने विशाल घर में रहता है। पिता का दावा है कि बेटा 5 करोड़ से ज्यादा टैक्स भी दे चुका है, लेकिन इसके बावजूद जांच रुकने का नाम नहीं ले रही।
लोगों को अनुराग की दुबई में हुई शादी भी खटक रही है और उसी के बाद शक और गहरा गया।
🗣️ अनुराग बोला—‘कार्रवाई सही नहीं’, लेकिन कानून साफ
अनुराग का कहना है—
“हमने इतना टैक्स दिया, फिर भी हमारे खिलाफ ऐसी कार्रवाई सही नहीं है।”
लेकिन कानून स्पष्ट कहता है कि टैक्स देना अवैध कमाई को सही साबित नहीं करता। यदि कमाई के स्रोत संदिग्ध हैं तो कार्रवाई होना तय है।

