बहसूमा : राष्ट्रीय राजमार्ग-119 (NH-119) के अंतर्गत अधिग्रहीत की गई कृषि भूमि के मुआवजे को लेकर क्षेत्र के किसानों का आक्रोश एक बार फिर खुलकर सामने आया है। राजूपुर, फतेहपुर हंसापुर, मोड़ कला और मोहम्मदपुर शाकिस्त गांवों के किसानों का कहना है कि उनकी कृषि भूमि का मुआवजा मात्र 270 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया, जबकि समीपवर्ती अन्य गांवों को 860 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया गया। इसी असमानता के विरोध में किसान पिछले तीन वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं।
किसानों ने बताया कि मुआवजे की दर बढ़ाकर 860 रुपये प्रति वर्ग मीटर किए जाने की मांग को लेकर उन्होंने लंबे समय तक एनएच का कब्जा नहीं लेने दिया। इसके बाद जिला प्रशासन एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के परियोजना निदेशक मेरठ के साथ किसानों का समझौता हुआ, जिसमें कृषि भूमि का मूल्य 540 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया। हालांकि, समझौते को हुए करीब आठ माह बीत जाने के बावजूद अब तक इसे लागू नहीं किया गया, जिससे किसानों में भारी रोष व्याप्त है।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब 21 जनवरी 2026 की रात चारों ग्रामों की समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद्र कैप्टन और कोषाध्यक्ष एवं प्रवक्ता कपिल चहल को उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया। इस कार्रवाई से किसानों में नाराजगी और बढ़ गई और प्रशासन के प्रति अविश्वास की स्थिति बन गई।
नजरबंदी के विरोध में बुधवार को बड़ी संख्या में किसान ग्राम मोहम्मदपुर शाकिस्त स्थित कैप्टन साहब के आवास पर एकत्र हुए और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करते हुए प्रशासन एवं NHAI से समझौता तत्काल लागू करने की मांग की। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उन्हें उनका वाजिब हक नहीं मिला तो वे आंदोलन को और तेज करते हुए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
इस मौके पर कपिल चहल, पूर्व चेयरमैन विनोद चाहल, सुभाष कैप्टन, नरेंद्र सिंह चाहल, प्रवेश जेनर, प्रवेश अहलावत, पिंटू देशवाल, शोकिंद्र, जोगेंद्र सिंह, सुनीत कुमार, राहुल देशवाल, मनीष, योगेंद्र, हरेंद्र चहल, पप्पू जैनर, मूलचंद सैनी, राजीव जैनर, मुखिया, राजकुमार, बबलू, दिनेश कुमार, मारुत देशवाल, श्रवण कुमार सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
