बहसूमा । महान स्वतंत्रता सेनानी, आज़ाद हिंद फौज के संस्थापक और राष्ट्रनायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती गुरुवार को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। यह कार्यक्रम भारतीय गौ सेवा संघ के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल चौधरी एवं जिला उपाध्यक्ष परविंदर चौधरी विशेष रूप से मौजूद रहे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को हुआ था। वे भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रभावशाली और साहसी नेताओं में से एक थे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष को नई दिशा देने के उद्देश्य से जापान के सहयोग से आज़ाद हिंद फौज का गठन किया। नेताजी द्वारा दिया गया नारा “जय हिंद” आज भारत का राष्ट्रीय नारा बन चुका है, जो हर भारतीय के हृदय में देशभक्ति और आत्मसम्मान की भावना जागृत करता है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने नेताजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से नेताजी के आदर्शों को अपनाकर देश और समाज के हित में कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान नेताजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों और समाजसेवियों ने भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। इस अवसर पर पत्रकार रोहित कुमार, पत्रकार मनोज खंगवाल, प्रमोद कुमार, रोहित जाटव, कंवरपाल जाटव, मयंक चौधरी, प्रिंस खंगवाल सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
अंत में भारतीय गौ सेवा संघ की ओर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।
