कीचड़ से भरे रास्तों ने बढ़ाई मुसीबतें, जान जोखिम में डालकर आने-जाने को मजबूर ग्रामीण
मोहम्मदपुर शाकिस्त कीचड़ समस्या
बहसूमा। हस्तिनापुर विकास खंड के गांव मोहम्मदपुर शाकिस्त में जलभराव और कीचड़ भरे रास्तों ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। गांव की मुख्य गलियों और संपर्क मार्गों पर लंबे समय से जमा गंदा पानी अब कीचड़ में बदल चुका है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि हालात इतने खराब हैं कि वे हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर इन मार्गों पर आने-जाने को मजबूर हैं।
ग्रामीण अनुज कुमार, नेपाल सिंह, धीर सिंह, यशवीर सिंह और नरेंद्र कुमार का कहना है कि नालियों की सफाई न होने और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर जमा हो रहा है। बारिश होने पर या अतिरिक्त पानी छोड़े जाने पर फिसलन और भी बढ़ जाती है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को रोजमर्रा के कामों के लिए बाहर निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर फिसलकर गिरने और चोट लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव से शिकायत की गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सिर्फ आश्वासन मिलते रहे, वहीं जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। कीचड़, गंदगी और बदबू से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द नालियों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था सुधारने और रास्तों की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। वहीं एडीओ हस्तिनापुर से बात करने पर उन्होंने कहा कि “कल मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण किया जाएगा और जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।” ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी समस्या की गंभीरता को समझते हुए शीघ्र कार्रवाई करेंगे, ताकि उन्हें राहत मिल सके।