कीचड़ से भरे रास्तों ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुसीबत, जान जोखिम में डालकर आवागमन को मजबूर लोग
कीचड़ से भरे रास्तों ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुसीबत
बहसूमा (मेरठ)। हस्तिनापुर विकास खंड के गांव मोहम्मदपुर शाकिस्त में कीचड़ और जलभराव की गंभीर समस्या ने ग्रामीणों का जनजीवन बेहाल कर दिया है। गांव की मुख्य गलियां और संपर्क मार्ग बीते कई महीनों से कीचड़ में तब्दील हैं, जिससे पैदल चलना तक दूभर हो गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि ग्रामीण रोजाना जान जोखिम में डालकर इन्हीं रास्तों से आने-जाने को मजबूर हैं।
ग्रामीण अनुज कुमार, नेपाल सिंह, धीर सिंह, यशवीर सिंह और नरेंद्र कुमार ने बताया कि नालियों की समय पर सफाई न होने और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। बारिश होते ही या पानी छोड़े जाने पर कीचड़ और फिसलन और भी बढ़ जाती है, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार लोग फिसलकर गिर चुके हैं और चोटिल होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। केवल आश्वासन ही मिलते रहे हैं, जबकि जमीनी हालात जस के तस बने हुए हैं। कीचड़ और गंदगी के कारण गांव में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की गलियों की मरम्मत कराई जाए, नालियों की नियमित सफाई हो और जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) हस्तिनापुर से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि जल्द ही सफाई कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी समस्या की गंभीरता को समझते हुए शीघ्र ठोस कदम उठाएंगे, जिससे गांववासियों को राहत मिल सके।