बहसूमा | मोहम्मदपुर सकिश्त गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। ग्राम पंचायत द्वारा सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है, जबकि हकीकत यह है कि गांव की गलियों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और नालियां जाम पड़ी हुई हैं। गंदगी और बदबू के कारण ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई के लिए कागजों में काम पूरा दिखाया जा रहा है, जबकि जमीन पर हालात बद से बदतर हैं। गांव की गलियों से लेकर नालियों तक गंदगी फैली हुई है, जिससे बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
शिकायतें हुईं, समाधान नहीं
ग्रामीण धीर सिंह, परविंदर सिंह, नेपाल सिंह सहित अन्य लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत की आशंका गहराती जा रही है।
धरने की चेतावनी
सफाई व्यवस्था को लेकर गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो वे मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
अधिकारियों को कई बार कराया अवगत
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर हस्तिनापुर एडीओ पंचायत, हस्तिनापुर बीडीओ साहब और ग्राम पंचायत सचिव सुरजीत सिंह/सुरजीत कुमार को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका है।
इस संबंध में जब ग्राम पंचायत सचिव सुरजीत कुमार से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि
“दो-तीन दिन बाद सफाई करवा दी जाएगी।”
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आश्वासन उन्हें पहले भी कई बार मिल चुके हैं, लेकिन हालात आज भी जस के तस बने हुए हैं।
