बहसुमा (मेरठ)। क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर सकिश्त में इन दिनों बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। गांव में घूमते बंदरों के झुंड गलियों, छतों और घरों में घुसकर उत्पात मचा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। हालात ऐसे हो गए हैं कि महिलाएं घर से बाहर निकलने में डर महसूस कर रही हैं, जबकि बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बंदर अचानक छतों से कूदकर लोगों पर झपट्टा मार देते हैं। कई बार लोग चोटिल होते-होते बचे हैं। खेतों और घरों के आसपास घूमते बंदर खाने-पीने का सामान छीन लेते हैं और बच्चों को डराकर रोने पर मजबूर कर देते हैं। इस वजह से अभिभावक बच्चों को अकेले बाहर भेजने से परहेज कर रहे हैं।
बंदरों के आतंक का असर आसपास के गांवों में भी देखने को मिल रहा है। महिलाओं का कहना है कि सुबह-शाम जरूरी कामों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने कई बार वन विभाग और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।
ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द बंदरों को पकड़वाकर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए, ताकि गांव में सामान्य जनजीवन बहाल हो सके। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
