गाजियाबाद के मोदीनगर में बीती रात एक सड़क हादसा हुआ, जिसमें स्कूटी से जा रहे भाई-बहन अचानक दिल्ली-मेरठ रोड पर दोनों हाइवे के बीच बने नाले में गिर गए। हादसा गोविंदपुरी इलाके में गुरुवार रात करीब 9 बजे हुआ। इस हादसे में 17 वर्षीय बहन गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि भाई को मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और दोनों को नाले से बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। घायल बहन की पहचान साक्षी के रूप में हुई है, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है, जबकि उनके भाई की स्थिति स्थिर है।
हादसे का कारण यूपी PWD की लापरवाही माना जा रहा है, जिन्होंने हाइवे के चौड़ीकरण के बाद भी नाले के उस हिस्से में सुरक्षा जाल या बैरिकेडिंग नहीं लगाई। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ऐसे सभी खुले नाले और निर्माण स्थलों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और उचित प्रकाश व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें। यह घटना हाल ही में ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए हादसे से मिलती-जुलती है, जहां एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार घने कोहरे के कारण नाले में गिर गई थी और उनकी मौत हो गई थी।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, मोदीनगर में कई खतरनाक नाले और गड्ढे हैं, जो विशेषकर रात के समय दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द सुरक्षा उपाय करने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और नाले में गिरने के कारणों और जिम्मेदारों की पहचान करने की प्रक्रिया चल रही है। यह हादसा प्रशासन और PWD की लापरवाही को उजागर करता है, और खुले नाले तथा निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपाय न होने की वजह से लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।
