मेरठ–हस्तिनापुर–बिजनौर नई रेल लाइन को लेकर बड़ी खबर, 40 साल पुराना सपना होगा पूरा
मेरठ हस्तिनापुर बिजनौर नई रेल लाइन
UP | पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक सौगात सामने आ रही है। मेरठ–हस्तिनापुर–बिजनौर नई रेल लाइन परियोजना अब वास्तविकता की ओर तेजी से बढ़ रही है। करीब 63.5 किलोमीटर लंबी इस प्रस्तावित रेल लाइन का फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा हो चुका है और फिलहाल डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। यह रेल लाइन क्षेत्र की जनता की लगभग 40 वर्षों पुरानी मांग रही है।
🚆 मुख्य रूट:
मेरठ → दौराला → हस्तिनापुर → रामराज → बिजनौर
यह रेल लाइन दौराला जंक्शन से शुरू होकर बिजनौर जंक्शन तक जाएगी, जिससे मेरठ और बिजनौर के बीच पहली बार सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा।
63.5 KM लंबा रूट
🚉 10 नए स्टेशन
🌾 43 गांव होंगे कनेक्ट
📝 सर्वे पूरा, DPR पर काम जारी
इस नई रेल लाइन का मुख्य मार्ग मेरठ–दौराला–हस्तिनापुर–रामराज–बिजनौर होगा। वर्तमान में बिजनौर से मेरठ के लिए न तो कोई सीधी रेल लाइन उपलब्ध है और न ही सीधी ट्रेन, जिसके कारण यात्रियों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस परियोजना के पूरा होने से मेरठ और बिजनौर के बीच पहली बार सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा।
रेल लाइन दौराला जंक्शन से शुरू होकर बिजनौर जंक्शन तक जाएगी। 63.5 किलोमीटर के इस रूट पर कुल 10 स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें दौराला (जंक्शन), लावड़, मवाना खुर्द, मवाना कलां, हस्तिनापुर, बहसूमा, रामराज, लालपुर, विदुर कुटी और बिजनौर (जंक्शन) शामिल हैं। इससे ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
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इस परियोजना के लिए कुल 43 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इनमें मेरठ जिले के 31 गांव, मुजफ्फरनगर के 8 गांव और बिजनौर के 4 गांव शामिल हैं। DPR पूरी होने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी इस परियोजना को राज्य सरकार, नीति आयोग और वित्त मंत्रालय की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।
📈 इस रेल लाइन के बड़े फायदे
- ✔️ मेरठ–बिजनौर के बीच सीधा रेल संपर्क
- ✔️ बिजनौर का दिल्ली से बेहतर रेल कनेक्शन
- ✔️ यात्रियों का समय और खर्च दोनों की बचत
- ✔️ व्यापार, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा
स्थानीय सांसदों, नागरिक संगठनों और व्यापारिक संगठनों ने वर्षों तक इस रेल लाइन के लिए लगातार मांग उठाई। उनका कहना है कि इस परियोजना से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। खासकर बिजनौर को दिल्ली से बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने से क्षेत्र का आर्थिक विकास तेज होगा।
कुल मिलाकर, मेरठ–हस्तिनापुर–बिजनौर नई रेल लाइन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई दिशा देने वाली परियोजना साबित हो सकती है।
अब
✅ मेरठ–बिजनौर के बीच सीधा रेल कनेक्शन
✅ बिजनौर को मिलेगा दिल्ली से बेहतर संपर्क
✅ यात्रियों और व्यापारियों को बड़ी राहत
🤝 स्थानीय जनप्रतिनिधियों का योगदान
स्थानीय सांसदों, नागरिक संगठनों और व्यापारिक संगठनों ने इस रेल लाइन के लिए कई बार केंद्र और राज्य सरकार से अनुरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप यह परियोजना अब जमीन पर उतरती दिख रही है।
🚉 63.5 KM रूट पर प्रस्तावित 10 स्टेशन
- दौराला (जंक्शन)
- लावड़
- मवाना खुर्द
- मवाना कलां
- हस्तिनापुर
- बहसूमा
- रामराज
- लालपुर
- विदुर कुटी
- बिजनौर (जंक्शन)
🌾 43 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित
इस रेल परियोजना के लिए कुल 43 गांवों की भूमि ली जाएगी:
- मेरठ: 31 गांव
- मुजफ्फरनगर: 8 गांव
- बिजनौर: 4 गांव
📌 अब तक की स्थिति
- ✅ फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा
- 📝 DPR पर कार्य जारी
- ⏳ DPR के बाद भूमि अधिग्रहण शुरू होने की संभावना
- ❌ राज्य सरकार, नीति आयोग और वित्त मंत्रालय की मंजूरी अभी शेष