मेरठ में दलित बेटी का किडनैप, मां की बेरहमी से हत्या

मेरठ में दलित बेटी का किडनैप, मां की बेरहमी से हत्या: सड़क से संसद तक गूंजा आक्रोश, विपक्ष का सरकार पर तीखा हमला

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव में अपनी मां के साथ खेत जा रही दलित युवती को गांव के दबंग राजपूतों द्वारा दिनदहाड़े किडनैप कर लिया गया। जब मां ने इसका विरोध किया, तो आरोप है कि दबंगों ने उस पर गंडासे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

हमले में गंभीर रूप से घायल मां को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझती रही। करीब 7 घंटे तक चले संघर्ष के बाद आखिरकार युवती की मां ने दम तोड़ दिया। इस निर्मम घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया।

❗ मां के सामने बेटी का अपहरण, विरोध पर हत्या

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दबंगों ने मां के सामने ही युवती को जबरन उठा लिया। मां की चीख-पुकार और विरोध के बावजूद आरोपियों ने बेरहमी से हमला किया। यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और दलितों की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न बन गई है।

🚨 शव मिला, लेकिन बेटी अब भी लापता

घटना के बाद पुलिस ने मृतका का शव परिजनों को सौंप दिया, लेकिन परिजनों ने साफ कह दिया कि जब तक बेटी की बरामदगी नहीं होती, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय से पहले रस्मों की नहीं, बेटी की ज़रूरत है।

🛑 सपा विधायक अतुल प्रधान को रोका गया, धरने पर बैठे

घटना की जानकारी मिलते ही समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान मौके पर पहुंचने के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस और विधायक के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। विरोध में अतुल प्रधान सड़क पर धरने पर बैठ गए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

🗣️ चंद्रशेखर आज़ाद का सरकार पर तीखा हमला

आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने मेरठ कांड पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा—

“ADM साहब को बता देना, गुंडागर्दी नहीं चलेगी। लखीमपुर खीरी में ब्राह्मण परिवार को पट्टा भी दिया गया, एक करोड़ का मुआवजा भी। यहां भी न्याय चाहिए। नहीं तो हम सड़क पर लेट जाएंगे। हाथरस दोहराने नहीं देंगे।”

उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई।

🐘 मायावती का ट्वीट, बसपा नेताओं के सख्त तेवर

बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इस घटना पर ट्वीट कर सरकार को घेरा और कहा कि

“सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन बहुजन समाज अब चुप नहीं बैठेगा।”

इसके बाद बसपा नेताओं की टीम मौके पर पहुंची, जहां वीडियो शूट के दौरान उनके तेवर बेहद सख्त नजर आए।

⚖️ कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि

  • क्या दलित परिवार आज भी सुरक्षित नहीं हैं?
  • क्या दबंगों का खौफ कानून से बड़ा हो चुका है?
  • और क्या पीड़ितों को न्याय के लिए सड़क पर उतरना ही पड़ेगा?

फिलहाल पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है, लेकिन बेटी अब भी लापता है और गांव में तनाव बना हुआ है।