बहसूमा में किसान नेता सनी चौधरी नजरबंद, ‘चलो मेरठ’ से पहले पुलिस की एहतियाती कार्रवाई से बढ़ी सियासी हलचल
बहसूमा में किसान नेता सनी चौधरी नजरबंद
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम और मेरठ मेट्रो स्टेशन शुभारंभ से पहले प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए बहसूमा में किसान नेता सनी चौधरी को उनके घर पर ही रोक दिया। भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा ने इसे हाउस अरेस्ट बताते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है। ‘चलो मेरठ’ आह्वान के तहत किसान ट्रेड बिल और अन्य समस्याओं को लेकर प्रदर्शन करने वाले थे। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। घटना के बाद क्षेत्रीय राजनीति और किसान संगठनों में चर्चा तेज हो गई है।
बहसूमा। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम और मेरठ मेट्रो स्टेशन के शुभारंभ से पहले प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। इसी क्रम में बहसूमा क्षेत्र में पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सनी चौधरी को उनके आवास पर ही रोक दिया। संगठन ने इसे “हाउस अरेस्ट” बताते हुए विरोध जताया है।
किसान यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार ‘चलो मेरठ’ आह्वान के तहत किसान कार्यकर्ता ट्रेड बिल के विरोध और किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मेरठ में प्रदर्शन करने जा रहे थे। आरोप है कि सनी चौधरी जैसे ही घर से निकलने की तैयारी कर रहे थे, तभी उप निरीक्षक संदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम उनके घर पहुंची और बाहर जाने से रोक दिया।
संगठन का कहना है कि बिना लिखित आदेश की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए क्षेत्र में सघन निगरानी और गश्त बढ़ाई गई है तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
घटना के बाद किसान नेताओं विजेंद्र सिंह देशवाल, चौधरी विपिन अहलावत और गौरव चौधरी को भी नजरबंद किए जाने की चर्चा से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर इसे सुरक्षा व्यवस्था और विरोध के अधिकार के बीच संतुलन की बहस के रूप में देखा जा रहा है।