मवाना के उत्सव मंडप में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी पर अटल स्मृति सम्मेलन और एसआईआर कार्यशाला का आयोजन किया गया। राज्य मंत्री दिनेश खटीक और जिलाध्यक्ष हरवीर पाल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक हुए शामिल।
मवाना। भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में मवाना के उत्सव मंडप में अटल स्मृति सम्मेलन एवं एसआईआर कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री दिनेश खटीक तथा भाजपा मेरठ के जिलाध्यक्ष हरवीर पाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। वक्ताओं ने अटल जी के जीवन, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान और आदर्शों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि अटल जी भारतीय राजनीति में शुचिता, राष्ट्रवाद और सर्वांगीण विकास के प्रतीक थे और उनकी दूरदर्शी नीतियां आज भी देश का मार्गदर्शन कर रही हैं।
अपने संबोधन में राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। उन्होंने सड़क विकास, संचार क्रांति, परमाणु नीति और सुशासन के क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय लिए। खटीक ने कार्यकर्ताओं से अटल जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए एसआईआर कार्यशाला के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
जिलाध्यक्ष हरवीर पाल ने कहा कि जन्म शताब्दी केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि अटल जी के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प है। उन्होंने संगठन की मजबूती, बूथ स्तर पर सक्रियता और जनसंपर्क अभियानों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एसआईआर कार्यशाला से पहचान, दस्तावेजीकरण और लाभार्थियों तक योजनाओं की सुगम पहुंच सुनिश्चित की जा सकती है।
कार्यशाला सत्र में विशेषज्ञों ने एसआईआर पंजीकरण, सुधार, अद्यतन प्रक्रिया और नागरिकों को मिलने वाले लाभ के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कार्यकर्ताओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों की बेहतर सहायता कर सकें। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करने के संकल्प के साथ किया गया। आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय पदाधिकारियों व स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
