Kidney Donation Eligibility

Kidney Donation Eligibility: ये लोग डोनेट नहीं कर सकते किडनी, रोहिणी आचार्य विवाद के बीच जानिए क्या हैं नियम

नई दिल्ली। लालू यादव के परिवार में चल रहे विवाद के बीच किडनी डोनेशन का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। साल 2022 में जब आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की तबीयत बिगड़ी थी और उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत थी, तब उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने अपनी किडनी दान कर पूरे देश में मिसाल पेश की थी। लेकिन हाल ही में तेजस्वी यादव से नाराजगी के बाद रोहिणी द्वारा दिए गए बयानों के चलते चर्चा फिर तेज हो गई है। इस पूरे विवाद के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर किन लोगों को किडनी डोनेट करने की अनुमति मिलती है और कौन लोग किडनी दान नहीं कर सकते।

राष्ट्रीय किडनी फाउंडेशन के अनुसार, हर व्यक्ति किडनी डोनर नहीं बन सकता। इसके लिए कई मेडिकल और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी शर्तें पूरी करनी होती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि किडनी डोनेट करना एक जिम्मेदार और बड़ा फैसला है, इसलिए इसके लिए सख्त मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई जाती है।

गंभीर मेडिकल समस्याओं वाले लोग नहीं बन सकते डोनर

किडनी दान करने से पहले अस्पताल सबसे पहले व्यक्ति की स्वास्थ्य रिपोर्ट की पूरी जांच करता है। यदि किसी व्यक्ति को कोई गंभीर बीमारी है जो सर्जरी के दौरान जोखिम पैदा कर सकती है, तो उसे डोनेशन की अनुमति नहीं दी जाती। इनमें शामिल हैं:

  • अनकंट्रोल हाई ब्लड प्रेशर
  • अनकंट्रोल डायबिटीज
  • एक्टिव कैंसर या हालिया कैंसर का इतिहास
  • हृदय या फेफड़ों की गंभीर बीमारी
  • कोई ऐसी स्थिति जिससे ऑपरेशन में खतरा बढ़ जाए

डॉक्टरों के अनुसार, किडनी डोनेशन तभी सुरक्षित माना जाता है जब व्यक्ति का शरीर एक किडनी के साथ सामान्य जीवन जीने में सक्षम हो।

BMI और वजन से जुड़े नियम भी होते हैं सख्त

ट्रांसप्लांट सेंटर्स किडनी डोनर को BMI यानी बॉडी मास इंडेक्स के आधार पर भी चुनते हैं। बहुत कम या बहुत ज्यादा BMI वाले लोगों को डोनेशन की अनुमति नहीं दी जाती, क्योंकि इससे ऑपरेशन के दौरान ब्लीडिंग, इंफेक्शन या घाव भरने में समस्या आ सकती है।

BMI कैटेगरी:

  • 18.5 से कम – अंडरवेट
  • 18.5–24.9 – सामान्य
  • 25–29.9 – ओवरवेट
  • 30 से ऊपर – मोटापा

विशेषज्ञ बताते हैं कि अधिक वजन लंबे समय में हाई बीपी और डायबिटीज जैसे जोखिम भी बढ़ा सकता है, जो किडनी पर असर डालते हैं।

मेंटल हेल्थ स्थिर न हो तो डोनेशन मुश्किल

किडनी डोनर बनने के लिए व्यक्ति का मानसिक रूप से स्थिर होना भी जरूरी है। अस्पताल में सोशल वर्कर और साइकोलॉजिस्ट यह सुनिश्चित करते हैं कि व्यक्ति:

  • डोनेशन के जोखिम और लाभ को समझता हो
  • किसी के दबाव में फैसला न ले रहा हो
  • मानसिक रोग की दवा लेने के बावजूद भावनात्मक रूप से स्थिर हो

मेंटल हेल्थ समस्या होने से डोनर बनना असंभव नहीं है, लेकिन डॉक्टर सुनिश्चित करते हैं कि फैसला सुरक्षित और समझदारी से लिया जा रहा है।

रिकवरी के लिए जरूरी है मजबूत सपोर्ट सिस्टम

किडनी दान करने के बाद 4 से 6 सप्ताह की रिकवरी होती है। ऐसे में घर पर सहारा होना जरूरी है, जिसमें शामिल हो:

  • कोई मदद करने वाला व्यक्ति
  • सफाई और सुरक्षित माहौल
  • भावनात्मक सपोर्ट

डॉक्टरों के अनुसार, बिना सपोर्ट सिस्टम के डोनर को पोस्ट-ऑपरेशन समस्याएं बढ़ सकती हैं।


Disclaimer:

यह जानकारी शोध और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य निर्णय से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।