इंग्लैंड से शिक्षा पूरी कर लौटे गौरव त्यागी का खरखौदा में भव्य स्वागत, बुजुर्गों ने दिया आशीर्वाद
इंग्लैंड से शिक्षा पूरी कर लौटे गौरव त्यागी का खरखौदा में भव्य स्वागत, बुजुर्गों ने दिया आशीर्वाद
खरखौदा (मेरठ)। कस्बा खरखौदा में उस समय उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला, जब इंग्लैंड से अपनी उच्च शिक्षा पूर्ण कर पहली बार भारत लौटे गौरव त्यागी का भव्य स्वागत किया गया। परिवार, मित्रों और कस्बे के गणमान्य लोगों ने फूलमालाओं व शुभकामनाओं के साथ उनका अभिनंदन किया।
गौरव त्यागी, कस्बा खरखौदा के भाजपा नेता रवि त्यागी एवं सहकारी किसान समिति की पूर्व सभापति संगीता त्यागी के सुपुत्र हैं। उनकी इस उपलब्धि को न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया जा रहा है।
🎓 विदेश में शिक्षा, देश में सेवा का संकल्प
परिजनों के अनुसार गौरव त्यागी ने इंग्लैंड में रहकर आधुनिक शिक्षा और वैश्विक अनुभव प्राप्त किया। उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद मातृभूमि लौटकर देश और समाज के विकास में योगदान देने की इच्छा व्यक्त की है। उनका कहना है कि विदेश में सीखी गई तकनीक, अनुशासन और प्रबंधन की समझ का उपयोग वे अपने क्षेत्र और देश की प्रगति में करना चाहते हैं।
🤝 गणमान्य लोगों की रही गरिमामयी उपस्थिति
स्वागत कार्यक्रम में कस्बा चेयरमैन मनीष राज गौतम, जयप्रकाश त्यागी, जिला पंचायत सदस्य ऋषि त्यागी, ललित त्यागी, नरेश चंद त्यागी, योगेश त्यागी, अशोक बाबा, सतेंद्र त्यागी (नेताजी), अभिषेक त्यागी, मदन त्यागी, कक्कू त्यागी, रिंकू त्यागी, मोनू त्यागी, हेमंत त्यागी, टिमलु त्यागी, बॉबी तिहाई, मूलराज त्यागी, रविदत्त त्यागी, रामकुमार त्यागी, ओमकार भगत जी, डिम्पल त्यागी, कल्लू त्यागी, सोनू त्यागी, विकास त्यागी, रमेश चंद त्यागी एवं शिवम त्यागी सहित बड़ी संख्या में सम्मानित नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों ने गौरव त्यागी को आशीर्वाद देते हुए कहा कि विदेश में शिक्षा प्राप्त कर अपने क्षेत्र का नाम रोशन करना सराहनीय उपलब्धि है। उन्होंने उम्मीद जताई कि गौरव जैसे युवा आगे चलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेंगे।
🌟 युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण
स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे कस्बों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा प्राप्त करना युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश है। इससे यह साबित होता है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता निश्चित है।
गौरव त्यागी की वापसी को लेकर पूरे क्षेत्र में सकारात्मक चर्चा है और इसे नई पीढ़ी के आत्मविश्वास व संभावनाओं का प्रतीक माना जा रहा है।
जब युवा विदेश से ज्ञान लेकर लौटते हैं और उसे अपनी मिट्टी के विकास में लगाते हैं, तभी असली राष्ट्रनिर्माण होता है।