हस्तिनापुर में मुफ्त उर्द-मूंग बीज वितरण: योगी सरकार की सहफसली योजना से सैकड़ों किसानों को बड़ा लाभ
हस्तिनापुर में मुफ्त उर्द-मूंग बीज वितरण: योगी सरकार की सहफसली योजना से सैकड़ों किसानों को बड़ा लाभ
मेरठ जनपद के हस्तिनापुर क्षेत्र में उत्तर प्रदेश कृषि विभाग द्वारा राजकीय बीज भंडार गणेशपुर शाखा पर किसानों के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारत सरकार के निर्देशन और योगी सरकार की किसान हितैषी योजना के अंतर्गत गन्ने के साथ सहफसली खेती को बढ़ावा देने हेतु किसानों को उर्द और मूंग के बीज निशुल्क वितरित किए गए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री एवं शिक्षाविद् सुनील पोसवाल रहे। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में किसानों को बीज वितरण किया।
ऑनलाइन बुकिंग करने वाले किसानों को मिला लाभ
जिन किसानों ने गन्ने के साथ सहफसली हेतु ऑनलाइन पोर्टल पर उर्द और मूंग की बुकिंग की थी, उन्हें उप कृषि निदेशक नितेश चौरसिया और जिला कृषि अधिकारी राजीव सिंह के निर्देशानुसार बीज उपलब्ध कराया गया।
इस दौरान सहायक विकास अधिकारी (कृषि) सुरेंद्र अधाना और राजकीय बीज भंडार प्रभारी आनंद कुमार भी मौजूद रहे।
गन्ने के साथ उर्द-मूंग सहफसली के फायदे
सहायक विकास अधिकारी (कृषि) हस्तिनापुर सुरेंद्र अधाना ने किसानों को सहफसली खेती के प्रमुख लाभ बताए:
- मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि:
उर्द और मूंग दलहनी फसलें हैं, जो मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती हैं। इससे गन्ने की फसल की वृद्धि बेहतर होती है। - दोगुनी आय का अवसर:
सहफसली पद्धति अपनाने से किसानों को एक ही खेत से दो फसलों की आय प्राप्त होती है, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
सरकार का लक्ष्य – किसान खुशहाल, देश समृद्ध
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सुनील पोसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना किसानों को खुशहाल बनाना है। इसी उद्देश्य से सहफसली खेती को बढ़ावा देने के लिए दलहन के बीज निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब किसान समृद्ध होगा तभी देश मजबूत बनेगा।
सैकड़ों किसानों ने उठाया लाभ
इस अवसर पर सैकड़ों किसानों ने योजना का लाभ उठाते हुए मुफ्त दलहन बीज प्राप्त किया। कार्यक्रम में रणवीर सिंह, राम सिंह नागर, विजेंद्र सिंह सहित कई किसान उपस्थित रहे।
कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि आने वाले समय में भी किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और योजनाओं का लाभ निरंतर दिया जाएगा।