बहसूमा। हस्तिनापुर ब्लॉक क्षेत्र में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कथित फर्जीवाड़े का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कई गांवों में बिना किसी कार्य के ही मजदूरों की हाजिरी भरकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता मनोज कुमार के अनुसार, हस्तिनापुर ब्लॉक के मोहम्मदपुर सकिस्त, शाहपुर बटावली, सदरपुर और समसपुर सहित कई गांवों में मनरेगा के अंतर्गत बड़े पैमाने पर फर्जी हाजिरी दर्ज की जा रही है। कागजों में कार्य पूर्ण दिखाकर मजदूरी का भुगतान कराया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं हो रहा।
इस मामले को लेकर कई बार हस्तिनापुर ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अमरीश कुमार को अवगत कराया गया, लेकिन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पूरे प्रकरण में ब्लॉक स्तर के कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है।
सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि जैसे ही मनरेगा में फर्जीवाड़े को लेकर किसी स्तर पर शिकायत की जाती है, मात्र आधे घंटे के भीतर इसकी जानकारी कथित रूप से संबंधित लोगों तक पहुंच जाती है। इससे शिकायतकर्ताओं की गोपनीयता भंग हो रही है और ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है, जिसके कारण वे खुलकर शिकायत करने से कतरा रहे हैं।
इस संबंध में जब खंड विकास अधिकारी अमरीश कुमार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि उन्हें फोन पर कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं, लेकिन उनके कार्यालय में अब तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उन्होंने कहा कि यदि लिखित शिकायत मिलती है तो पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं शिकायतकर्ता मनोज कुमार का कहना है कि उन्होंने बीडीओ से बातचीत के बाद सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) धीरसिंह को लिखित शिकायत पत्र सौंप दिया है।
गरीब मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना में इस तरह के कथित फर्जीवाड़े और प्रशासनिक उदासीनता ने व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि उच्च अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर दोषियों पर कब तक सख्त कार्रवाई करते हैं।
