बहसूमा। डी मोनफोर अकादमी में वसंत पंचमी का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस शुभ अवसर पर विद्यालय परिसर भक्ति, उल्लास और रचनात्मक गतिविधियों से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना सभा (स्पेशल असेंबली) से हुई, जिसमें विद्यार्थियों द्वारा भावपूर्ण सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर विद्यालय के सभी विद्यार्थी, शिक्षक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
वसंत पंचमी के उपलक्ष्य में विद्यालय को आकर्षक ढंग से सजाया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए काइट मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन करते हुए रंग-बिरंगी एवं मनमोहक पतंगें तैयार कीं। इसके साथ ही विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई मां सरस्वती की कलात्मक मूर्तियां भी सभी के आकर्षण का केंद्र रहीं।
किंडरगार्टन वर्ग के नन्हे-मुन्ने बच्चे पीले वस्त्र धारण कर विद्यालय पहुंचे और श्रद्धा भाव से मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की। पूरे विद्यालय परिसर में भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डाला और बच्चों को ज्ञान, परिश्रम एवं अनुशासन के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय की निर्देशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं विद्यालय के निर्देशक डॉ. के. के. शर्मा ने अपने संबोधन में ज्ञान, संस्कार और अनुशासन को सफलता की कुंजी बताते हुए विद्यार्थियों को निरंतर प्रगति के लिए प्रेरित किया।
यह आयोजन विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, कला और रचनात्मकता के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला एवं अत्यंत प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।
