डी मोनफोर अकादमी के छात्रों का दिल्ली शैक्षिक भ्रमण सफलतापूर्वक संपन्न | Delhi Educational Tour
Delhi Educational Tour
डी मोनफोर अकादमी के छात्रों ने दिल्ली शैक्षिक भ्रमण के दौरान लोटस टेंपल, प्रधानमंत्री संग्रहालय, साइंस म्यूजियम और बांग्ला साहिब गुरुद्वारा का दौरा किया। यात्रा ने बच्चों के ज्ञान और अनुभव में वृद्धि की।
बहसूमा। डी मोनफोर अकादमी के छात्र-छात्राओं ने 26 नवंबर को आयोजित दिल्ली शैक्षिक भ्रमण में इतिहास, विज्ञान, संस्कृति और राष्ट्रीय धरोहरों से रूबरू होने का शानदार अनुभव प्राप्त किया। Delhi Educational Tour के इस यादगार सफर में छात्रों ने लोटस टेंपल, प्रधानमंत्री संग्रहालय, साइंस म्यूजियम और बांग्ला साहिब गुरुद्वारा जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण किया।
लोटस टेंपल में सीखा शांति और सद्भाव का संदेश
यात्रा की शुरुआत विश्व प्रसिद्ध लोटस टेंपल से हुई, जहां बच्चों ने विश्व शांति, एकता और सद्भाव के अद्भुत संदेश को जाना। शांत और सकारात्मक वातावरण ने छात्रों को आध्यात्मिक दृष्टि से समृद्ध किया।
प्रधानमंत्री संग्रहालय में जानी देश के विकास की कहानी
इसके बाद छात्र पहुंचे प्रधानमंत्री संग्रहालय, जहां उन्होंने स्वतंत्रता के बाद भारत की विकास यात्रा, पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान, ऐतिहासिक फैसलों और आधुनिक भारत की उपलब्धियों को विस्तार से समझा।
यह हिस्सा छात्रों के लिए सबसे प्रेरणादायक रहा।
साइंस म्यूजियम में विज्ञान को करीब से महसूस किया
टीम आगे बढ़ते हुए नेशनल साइंस म्यूजियम पहुंची, जहां विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों, प्रयोगों और तकनीकी प्रदर्शनों को नजदीक से देखा। बच्चों ने कई रोचक गतिविधियों में भाग लिया और विज्ञान के व्यावहारिक ज्ञान को समझा।
बांग्ला साहिब गुरुद्वारा में मिला आध्यात्मिक अनुभव
दिन का अंतिम पड़ाव रहा बांग्ला साहिब गुरुद्वारा, जहां छात्रों ने शांत वातावरण का अनुभव किया और गुरु परंपरा, सेवा एवं मानवता के मूल्यों की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
शिक्षकों ने संभाली पूरी यात्रा की जिम्मेदारी
इस शैक्षिक भ्रमण में स्कूल के शिक्षक मिस्टर सत्येंद्र सिंह और श्रीमती ज्योति चौधरी विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे और पूरे कार्यक्रम के दौरान उनका मार्गदर्शन करते रहे।
प्रधानाचार्य और उप-प्रधानाचार्या ने बताया यात्रा का महत्व
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा “हमारा उद्देश्य है कि बच्चे कक्षा के बाहर भी सीखें और देश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक तथा वैज्ञानिक धरोहरों को करीब से समझें। इस टूर ने उनके ज्ञान और अनुभव दोनों में वृद्धि की है।”
उप-प्रधानाचार्या श्रीमती रितु चिकारा ने कहा “इस तरह के शैक्षिक भ्रमण बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे छात्रों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास और व्यवहारिक ज्ञान बढ़ता है।” स्कूल प्रबंधन ने इस भ्रमण को बच्चों के ज्ञानवर्धन और व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत सार्थक बताया।