कड़ाके की ठंड, बारिश और ओलावृष्टि ने बढ़ाई कहर की मार

कड़ाके की ठंड, बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन बेहाल, पशु-बुजुर्ग परेशान; आलू-सरसों तबाह, गेहूं को मिला लाभ

बहसूमा)। क्षेत्र में लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। ठंड और घने कोहरे के कारण जहां पशु बेहाल नजर आ रहे हैं, वहीं गांवों में बुजुर्गों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ठिठुरन भरी ठंड से बुजुर्गों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित हो गई है।

मौसम की इस मार का सबसे ज्यादा असर किसानों पर देखने को मिल रहा है। हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि से आलू और सरसों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों की चिंता और आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।

किसान अमित कुमार ने बताया कि अचानक बदले मौसम से फसलें पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं। उन्होंने कहा कि आलू और सरसों की फसल खराब होने से किसान सदमे में हैं और आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। वहीं किसान योगेंद्र ने बताया कि आलू की पूरी फसल नष्ट हो चुकी है, जिससे परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है।

ग्रामीण रवि ने बताया कि ठंड के कारण गांव के बुजुर्गों को चलने-फिरने और रोजमर्रा के कामों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ठंड और कोहरे के चलते स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं।

हालांकि, इस बारिश ने कुछ किसानों के लिए राहत भी दी है। किसान आशीष कुमार ने बताया कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए काफी लाभदायक साबित हुई है। खेतों में नमी बनी हुई है, जिससे गेहूं की बढ़वार अच्छी होने की उम्मीद है और उत्पादन बेहतर हो सकता है।

फसल नुकसान के चलते किसानों पर बच्चों की पढ़ाई और स्कूल फीस का बोझ भी बढ़ गया है। कई किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और सरकार से राहत एवं मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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