पुरी सब्जी और जलेबी

बिहार में सुबह का पसंदीदा नाश्ता: पुरी-सब्जी और जलेबी की खुशबू से जगती गलियां – Bihar

बिहार की सुबह। सूरज की पहली किरण जैसे ही गलियों में गिरती है, वहीं उठता है एक अनोखा शोर – टोकरी में ताज़ी पुरी की खुशबू, सब्जी की महक और तड़क-भड़क वाली जलेबी की मिठास।

ये सिर्फ़ नाश्ता नहीं है। ये बिहार (Bihar) की पहचान है, इसकी सांस्कृतिक धड़कन है। गलियों में छोटे-छोटे ठेले सजते हैं, ढाबे खुलते हैं और लोग, बड़े, छोटे, बच्चे, हर कोई अपने दिन की शुरुआत इसी स्वादिष्ट परंपरा से करता है।

ठेले वाले कहते हैं, “सुबह 6 बजे से भीड़ लग जाती है। पुरी गरम, सब्जी ताज़ा और जलेबी की मिठास बिना नहीं रह सकती। यही तो दिन की शुरुआत का असली मज़ा है।”

छोटे छात्र, स्कूल जाने वाले बच्चे, ऑफिस जाने वाले लोग – सभी इस नाश्ते के लिए अपने घरों से निकल पड़ते हैं। और जैसे ही पहला कौर मुंह में जाता है, एक अलग ही ऊर्जा महसूस होती है। यही है बिहार की सुबह की खासियत – साधारण पर लेकिन दिल को छू जाने वाली।

पुरानी परंपरा है कि पुरी-सब्जी और जलेबी का नाश्ता पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस स्वादिष्ट रूटीन में जुड़ा हुआ है। सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि समुदाय और सांस्कृतिक पहचान के लिए।

यह नाश्ता सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि जुड़ाव और इंसानियत की कहानी कहता है। गलियों में बैठकर लोग हंसते, बातें करते, दिनभर की तैयारियों में जुटते हैं। और पर्यटक भी इस नाश्ते के लिए खास उत्साहित रहते हैं।

पुरी की कुरकुरी परत, सब्जी का ताज़ा स्वाद और जलेबी की मीठास – ये तीनों मिलकर बिहार की सुबह को जिंदा कर देते हैं। यह नाश्ता न केवल भूख मिटाता है, बल्कि दिलों को भी जोड़ता है।

Web Title : Bihar ki Subah ka Favorite Nashta: Puri-Subzi aur Jalebi ki Khushboo Se Jagti Galiyan

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