बारिश–ठंड–कोहरे की मार से किसानों की कमर टूटी

बारिश–ठंड–कोहरे की मार से किसानों की कमर टूटी, सरसों और आलू की फसल को भारी नुकसान

बहसूमा | क्षेत्र में मौसम की लगातार मार ने किसानों की चिंताओं को चरम पर पहुंचा दिया है। पहले कड़ाके की ठंड, फिर घना कोहरा और अब लगातार हो रही बारिश ने किसानों पर मानो आसमान से आफत बरसा दी है। अचानक बदले मौसम के चलते खेतों में खड़ी सरसों और आलू की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

किसानों के अनुसार, लगातार बदलते मौसम की वजह से फसलें संभल नहीं पा रही हैं। सरसों की फसल में फूल और फल झड़ने लगे हैं, जबकि आलू की फसल में सड़न का खतरा तेजी से बढ़ गया है। कई खेतों में पानी भर जाने से पैदावार पर सीधा असर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही मौसम साफ नहीं हुआ तो नुकसान और भी गंभीर हो सकता है।

क्षेत्र के किसान कंवरपाल सिंह, पप्पू कुमार, रजनीश, कपिल कुमार, रजत कुमार, जोगिंदर सिंह, बाबूराम, शरद कुमार सहित अन्य किसानों ने बताया कि पहले ही खाद, बीज और दवाइयों की लागत बढ़ चुकी है और अब मौसम की इस मार ने उनकी कमर तोड़ दी है। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं के चलते उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद होने की कगार पर है।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि फसल क्षति का तत्काल सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके। क्षेत्र में मौसम की मार को लेकर किसानों के बीच भारी चिंता और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।बहसूमा | मेरठ।
क्षेत्र में मौसम की लगातार मार ने किसानों की चिंताओं को चरम पर पहुंचा दिया है। पहले कड़ाके की ठंड, फिर घना कोहरा और अब लगातार हो रही बारिश ने किसानों पर मानो आसमान से आफत बरसा दी है। अचानक बदले मौसम के चलते खेतों में खड़ी सरसों और आलू की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

किसानों के अनुसार, लगातार बदलते मौसम की वजह से फसलें संभल नहीं पा रही हैं। सरसों की फसल में फूल और फल झड़ने लगे हैं, जबकि आलू की फसल में सड़न का खतरा तेजी से बढ़ गया है। कई खेतों में पानी भर जाने से पैदावार पर सीधा असर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही मौसम साफ नहीं हुआ तो नुकसान और भी गंभीर हो सकता है।

क्षेत्र के किसान कंवरपाल सिंह, पप्पू कुमार, रजनीश, कपिल कुमार, रजत कुमार, जोगिंदर सिंह, बाबूराम, शरद कुमार सहित अन्य किसानों ने बताया कि पहले ही खाद, बीज और दवाइयों की लागत बढ़ चुकी है और अब मौसम की इस मार ने उनकी कमर तोड़ दी है। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं के चलते उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद होने की कगार पर है।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि फसल क्षति का तत्काल सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके। क्षेत्र में मौसम की मार को लेकर किसानों के बीच भारी चिंता और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

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