बहसूमा वन रेंज में कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए डंपर और जांच करते वन विभाग के अधिकारी।

पर्यावरण को क्षति पहुँचाने वालों को नहीं बख्शा जाएगा: खुशबू उपाध्याय, बहसूमा में वन विभाग की सख्त कार्रवाई

बहसूमा। मेरठ। पर्यावरण संरक्षण को लेकर वन विभाग ने बहसूमा क्षेत्र में सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि वन संपदा को नुकसान पहुँचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। बीती रात वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए दो डंपरों को पकड़कर वन रेंज परिसर में खड़ा कराया। शिकायत मिली थी कि इन डंपरों के संचालन से वन विभाग की पटरी पर किए गए पौधारोपण को क्षति पहुँची है।

शिकायत के आधार पर डंपरों को तत्काल जब्त कर लिया गया और मामले की जांच शुरू की गई। सुबह जब अधिकारियों द्वारा गहन जांच-पड़ताल की गई तो एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। जांच में स्पष्ट हुआ कि शिकायत वास्तविक पर्यावरणीय क्षति से अधिक दो पक्षों की आपसी रंजिश से जुड़ी हुई थी। तथ्यों के मिलान के बाद यह विवाद निजी दुश्मनी से उपजा हुआ पाया गया।

हालांकि, वन विभाग ने इस पूरे मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया। वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पौधारोपण को जो भी नुकसान पहुँचा है, उसकी भरपाई संबंधित पक्ष द्वारा दोबारा पौधारोपण कराकर की जाएगी। साथ ही पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी भी उसी पक्ष पर तय की गई।

इस अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने दो टूक कहा कि पर्यावरणीय क्षति की भरपाई क्षति पहुँचाने वाले पक्ष से ही कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि वन विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पर्यावरण को सुरक्षित रखना है। चाहे मामला साजिश का हो या लापरवाही का, वन संपदा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

वन विभाग ने यह भी साफ किया कि पर्यावरण संरक्षण के नाम पर कोई बहाना या ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान वन दरोगा ऋषभ, अतुल स्वामी, वनरक्षक सहित अन्य कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।