बहसूमा। बहसूमा क्षेत्र में बीते कई दिनों से जारी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बाद आखिरकार मौसम ने राहत की करवट ली है। सोमवार को खिली तेज धूप से किसानों ने राहत की सांस ली है। मौसम में आए इस सकारात्मक बदलाव से खेतों में खड़ी फसलों को नया जीवन मिला है, जिससे किसानों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई है।
क्षेत्र के किसान मनोज कुमार, सर्वेश कुमार, मोनू कुमार सहित अन्य किसानों ने बताया कि लगातार ठंड और कोहरे के कारण फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। विशेष रूप से गेहूं की फसल प्रभावित हो रही थी और फंगल रोगों का खतरा लगातार बढ़ रहा था। लेकिन अब धूप निकलने और तापमान में हल्की वृद्धि होने से गेहूं की फसल को सीधा लाभ मिल रहा है।
किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल टिलरिंग (कल्ले निकलने) की अत्यंत महत्वपूर्ण अवस्था में है। इस दौरान धूप और हल्की ठंड का संतुलन फसल के समुचित विकास के लिए बेहद जरूरी होता है। धूप मिलने से फसल की जड़ें मजबूत हो रही हैं और पत्तियां हरी-भरी दिखाई देने लगी हैं।
पिछले कई दिनों से मौसम की मार झेल रहे किसानों को अब उम्मीद जगी है कि यदि इसी तरह मौसम अनुकूल बना रहा, तो इस बार गेहूं सहित अन्य रबी फसलों का उत्पादन बेहतर होगा। धूप खिलने से न केवल खेतों में कृषि कार्यों में तेजी आई है, बल्कि किसानों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे हैं।
