बहसुमा (मेरठ)। कस्बा बहसुमा में ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉले आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। हालात यह हैं कि ये भारी वाहन सड़कों पर मौत बनकर फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की अनदेखी और कथित मिलीभगत के चलते ही ओवरलोड वाहन खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
बीते दिनों बहसुमा कस्बे में कई घंटों तक भीषण जाम की स्थिति बनी रही। ओवरलोड ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रॉलों के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। जाम में स्कूली बच्चे, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, व्यापारी और राहगीर घंटों तक फंसे रहे, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मवाना में कल शाम गन्ने से भरे एक ओवरलोड ट्रक ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें बाइक सवार समेत दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, चार दिन पहले हुई एक अन्य दुर्घटना में एक व्यक्ति का पैर बुरी तरह कुचल गया, जिसे डॉक्टरों को काटना पड़ा। इन घटनाओं के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस और सख्त कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगभग रोजाना सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित हैं। ग्रामीणों सुभाष कैप्टन, परविंदर चौधरी, अनिल कुमार, ईश्वर सिंह, सोनू कुमार, योगेंद्र सिंह चौधरी, नेपाल सिंह, अभिषेक कुमार सहित कस्बेवासियों का आरोप है कि यदि अधिकारियों की साठगांठ न होती, तो ओवरलोड वाहन यूं बेखौफ सड़कों पर नहीं दौड़ते।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई, तो आने वाले दिनों में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। लोगों ने मांग की है कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ तत्काल विशेष अभियान, नियमित चेकिंग और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके और आम जनता को राहत मिल सके।
