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गन्ने से भरे ओवरलोड व ओवरहाइट ट्रक ने तोड़े बिजली के केबल, बहसूमा में घंटों लगा जाम,बड़ा हादसा टला

बहसूमा में गन्ने से भरे ओवरलोड व ओवरहाइट ट्रक ने बटावली रोड और कैलाशपुरी क्षेत्र में बिजली के केबल तोड़ दिए, जिससे बड़ा हादसा टल गया और रविवार को मेंन रोड पर मरम्मत के दौरान जाम लग गया। व्यापार मंडल अध्यक्ष आशीष सिंघल ने घटना को गंभीर बताते हुए शुगर मिल प्रबंधन और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की।

बहसूमा। कस्बे में शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा टल गया, जब बटावली रोड और कैलाशपुरी क्षेत्र में गन्ने से भरे एक ओवरलोड व ओवरहाइट ट्रक ने व्यापारियों की दुकानों के ऊपर से गुजरती बिजली लाइनों को तोड़ दिया। ट्रक पर गन्ने की अत्यधिक ऊँचाई होने के कारण कई बिजली के केबल क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे क्षेत्र में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सौभाग्य से कोई जनहानि नहीं हुई।

रविवार दोपहर बिजली विभाग की टीम केबल ठीक करने पहुंची, जिसके लिए मेंन रोड पर ट्रक खड़ा कर उस पर चढ़कर तारों की मरम्मत की गई। इस दौरान बहसूमा नगर की मुख्य सड़क पर घंटों लंबा जाम लगा रहा और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

व्यापार मंडल बहसूमा के अध्यक्ष आशीष सिंघल एवं पूरी कार्यकारिणी ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि शुगर मिल प्रबंधन द्वारा गन्ने से भरे ट्रकों को अत्यधिक ऊँचाई तक लोड करने की अनुमति देना पूरी तरह अनुचित और खतरनाक है। गन्ना भारी होता है, और ट्रक में ऊपर तक भरे होने की वजह से बिजली लाइनें, सड़क सुरक्षा और आमजन की सुरक्षा गंभीर खतरे में पड़ती है।

व्यापार मंडल ने बताया कि इस संबंध में शनिवार को ही बिजली विभाग के अधिकारियों से वार्ता हो चुकी है। साथ ही बहसूमा थाना प्रभारी और आरटीओ मेरठ को भी लिखित शिकायत भेजकर इस घटना की जानकारी दी जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही पर रोक लगाई जा सके।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा मानकों में स्पष्ट रूप से वाहन और चलित संरचनाओं की अधिकतम ऊँचाई निर्धारित है। जिस प्रकार मंदिर समितियों द्वारा निकाली जाने वाली शोभायात्राओं के लिए उप जिलाधिकारी और थाना प्रभारी 12 फीट से अधिक ऊँचाई वाली झांकियों को परमिशन नहीं देते, उसी तरह गन्ने से भरे ट्रकों के लिए भी ऊँचाई की सीमा तय करना अत्यंत आवश्यक है।

व्यापार मंडल ने मांग की है कि इस गंभीर मुद्दे पर कठोर कदम उठाते हुए माननीय जिलाधिकारी मेरठ व मुजफ्फरनगर, तथा शुगर मिल प्रबंधन को सख्त निर्देश जारी किए जाएं, ताकि नगर, व्यापारियों और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका खत्म हो सके।