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बहसूमा में बंदरों का बढ़ता आतंक, व्यापार मंडल ने नगर पंचायत को सौंपा ज्ञापन

बहसूमा (मेरठ)। नगर के कई इलाकों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बंदरों द्वारा लोगों पर बार–बार हो रहे हमले, घरों को नुकसान और बाजार गतिविधियों में बाधा की शिकायतें सामने आने के बाद अब यह समस्या गंभीर रूप लेती दिख रही है। इसी मुद्दे को लेकर बहसूमा व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत बहसूमा को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

व्यापार मंडल अध्यक्ष आशीष सिघल ने बताया कि नगर के मुख्य बाजार, मंगल बाजार, रामलीला ग्राउंड व अन्य क्षेत्रों में सुबह 5 बजे से 7 बजे और रात 9:30 बजे से 10 बजे के बीच बंदरों का बड़ा झुंड सक्रिय रहता है। इस दौरान कस्बे में खरीदारी करने आए उपभोक्ता, सीनियर सिटीजन, महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक निशाना बनते हैं। कई मामलों में लोग बंदरों के हमलों में घायल भी हुए हैं।

उन्होंने बताया कि बसों से आने-जाने वाले यात्री, खासकर महिलाएं और छात्र, बंदरों की वजह से लगातार असुरक्षित महसूस करते हैं। कई बार यात्री बस से उतरने में भी हिचकिचाते हैं क्योंकि बंदरों के झुंड सड़क किनारे मंडराते रहते हैं।

व्यापार मंडल ने नगर पंचायत से मांग की है कि बंदरों को पकड़कर नगर से बाहर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जाए, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके। इसके साथ ही सुबह और रात के तय समय में मुख्य बाजार क्षेत्रों में नगर पंचायत के दो कर्मचारियों की तैनाती की भी मांग की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध हो सके।

व्यापार मंडल सदस्यों का कहना है कि बंदरों की बढ़ती संख्या न केवल आम जनता के लिए खतरा बन रही है, बल्कि इससे बाजार की गतिविधियाँ और व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।

अध्यक्ष आशीष सिघल ने अधिशासी अधिकारी से आग्रह किया है कि समस्या को प्राथमिकता देते हुए जल्द और ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि नगर में सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण फिर से स्थापित हो सके।