बहसूमा: जनपद मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम में 14 वर्षीय किशोरी के साथ हुई जघन्य घटना और हत्या के बाद पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। घटना के दूसरे दिन भी गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती जारी रही और प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
🚓 प्रशासन की सख्त घेराबंदी, गांव की सीमाएं सील
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए जिला प्रशासन ने गांव की सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर दी है। गांव के दोनों ओर पुलिस का कड़ा पहरा रहा।
एसपी देहात, एडीएम (ADM) और एसडीएम (SDM) सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
प्रशासन की कोशिश रही कि किसी भी राजनीतिक या सामाजिक संगठन की मौजूदगी से माहौल और अधिक तनावपूर्ण न हो।
✊ प्रतिबंधों के बावजूद पहुंचे संगठन प्रतिनिधि
प्रशासनिक सख्ती के बावजूद पीड़ित परिवार से मिलने के लिए विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि गांव तक पहुंचे।
भीम आर्मी व आज़ाद समाज पार्टी:
पुलिस द्वारा रोके जाने के बावजूद भीम आर्मी के कार्यकर्ता खेतों और वैकल्पिक रास्तों से होते हुए पीड़ित परिवार तक पहुंचे।
टीम का नेतृत्व कर रहे बिजेंद्र सूद ने राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रत्न सिंह से वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ित परिवार की बात कराई। उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया कि वे जल्द गांव पहुंचकर न्याय की लड़ाई लड़ेंगे। इस दौरान बलराज जाटव सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
समाजवादी पार्टी:
सपा नेता किशोर वाल्मीकि और प्रदेश सचिव नार्वेल सिंह खालसा ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
😠 ग्रामीणों में पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी
मालीपुर गांव से शोक व्यक्त करने जा रहे सैकड़ों ग्रामीणों को पुलिस ने नहर के पुल पर ही रोक दिया। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
ग्रामीण नेता अंकुश कश्यप ने प्रशासन की इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा,
“इस दुख की घड़ी में अपने समाज और परिवार से मिलने से रोकना तानाशाही है। संवेदना व्यक्त करने से किसी को नहीं रोका जाना चाहिए।”
📢 सर्व समाज की मुख्य मांगें
घटना को लेकर सर्व समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने एक स्वर में प्रशासन से मांग की है कि—
- फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए
- मामले की तेज सुनवाई कर दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए
- पीड़ित परिवार को पर्याप्त सुरक्षा और उचित मुआवजा प्रदान किया जाए
⚠️ स्थिति पर प्रशासन की पैनी नजर
फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
