बहसूमा (मेरठ)। कस्बा बहसूमा में लगने वाला प्राचीन गुदड्डी मेला मंगलवार की रात ससम्मान संपन्न हो गया। यह मेला हर वर्ष गंगा स्नान के अगले दिन परंपरागत रूप से रामलीला ग्राउंड, वार्ड संख्या 09 में आयोजित किया जाता है, जिसे लेकर क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखा जाता है। दूर-दराज़ से आने वाले व्यापारी यहां खिलौने, मिट्टी के बर्तन, कॉस्मेटिक और घरेलू उपयोग के सामान की दुकानें लगाकर बड़ी संख्या में ग्राहकों को आकर्षित करते हैं।
परमिशन 1 दिसंबर तक, व्यापार मंडल ने ली एक दिन की मोहलत
पुलिस प्रशासन द्वारा इस मेले के आयोजन की अनुमति 1 दिसंबर तक ही प्रदान की गई थी। लेकिन मंगलवार के साप्ताहिक बाजार (पेठ) को देखते हुए व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बहसूमा व्यापार मंडल के अध्यक्ष आशीष सिंघल ने थाना प्रभारी मैडम प्रतिभा सिंह से निवेदन कर एक दिन की अतिरिक्त मोहलत प्राप्त की।
व्यापार मंडल की इस पहल से मेले में आए व्यापारियों और खरीदारों को विशेष राहत मिली। लोगों ने अंतिम दिन भी जमकर खरीदारी का आनंद लिया और मेले की रौनक देर रात तक बनी रही।
आज रात्रि में मेले का सफल समापन
अतिरिक्त अनुमति मिलने के बाद भी निर्धारित समयानुसार 2 दिसंबर, मंगलवार की रात को मेले का सफल समापन कर दिया गया। मेले की व्यवस्थाओं में व्यापार मंडल, पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।
अध्यक्ष आशीष सिंघल ने बताया कि—
“गुदड्डी मेला हमारी सांस्कृतिक विरासत है। प्रशासन के सहयोग से इसे सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। सभी नगरवासियों और व्यापारियों का सहयोग सराहनीय रहा।”
स्थानीय लोगों में संतोष
मेले के समापन के बाद स्थानीय नागरिकों ने व्यापार मंडल और पुलिस विभाग के निर्णय को संतुलित और जनहितकारी बताया। कस्बे में वर्षों से लगने वाला यह पारंपरिक मेला न केवल खरीदारी का केंद्र रहा है बल्कि सामाजिक मेल-जोल और संस्कृति का भी प्रतीक माना जाता है।
