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आवारा कुत्तों का आतंक, बहसूमा क्षेत्र में ग्रामीणों में भारी रोष

बहसूमा में आवारा कुत्तों का आतंक

बहसूमा में आवारा कुत्तों का आतंक

बहसूमा। मेरठ। क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसके स्थायी समाधान को लेकर प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। आए दिन किसी न किसी ग्रामीण के कुत्तों द्वारा काटे जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे गांव में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही गलियों और सड़कों पर आवारा कुत्तों के झुंड सक्रिय हो जाते हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है।

🟡 लगातार हो रही घटनाओं से दहशत का माहौल

हाल ही में रजनीश पुत्र राजपाल सिंह के पैर में आवारा कुत्ते ने काट लिया। ग्रामीणों के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी कई लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं। कुत्तों के काटने से न केवल चोट लगने का खतरा बना रहता है, बल्कि रेबीज जैसी गंभीर बीमारी का डर भी लोगों को सता रहा है। इसके बावजूद न तो कुत्तों को पकड़ने का कोई अभियान चलाया जा रहा है और न ही नसबंदी या अन्य नियंत्रण उपाय किए जा रहे हैं।

🟡 प्रशासनिक उदासीनता से ग्रामीणों में आक्रोश

ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। इससे ग्रामीणों में भारी रोष है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि क्षेत्र में फैले डर और दहशत का माहौल खत्म हो सके।

इस संबंध में ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कोई समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर अमित कुमार, जोगिंदर सिंह, आशीष कुमार, रजत कुमार, परविंदर चौधरी, प्रिंस खगवाल सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित कदम उठाएगा।