मवाना | मवाना पुलिस ने पहचान बदलकर रह रहे एक फरार हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी के कब्जे से 315 बोर का एक जिंदा कारतूस तथा विभिन्न नामों से बने कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा अपराधियों की धरपकड़ और लापता हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण व क्षेत्राधिकारी मवाना के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक पूनम जादौन के नेतृत्व में सब इंस्पेक्टर सतेंद्र कुमार, सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार यादव और टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया।
बताया गया कि 10 फरवरी 2026 को शाम करीब 7:25 बजे मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए निलोहा गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर अनिल धामा (पुत्र महेंद्र) को भैसा टोल से पहले निलोहा जाने वाले मार्ग के पास से गिरफ्तार किया।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 315 बोर का एक जिंदा कारतूस और उसके नाम का वोटर आईडी कार्ड बरामद हुआ। इसके अतिरिक्त राहुल चौधरी के नाम से बने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, एसबीआई एटीएम कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी मिले। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने फर्जी नाम से पासपोर्ट बनवाया था और पिछले लगभग चार वर्षों से शास्त्री नगर, गाजियाबाद में पहचान छिपाकर रह रहा था।
बरामदगी के आधार पर मवाना थाने में मु0अ0सं0 61/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) तथा आयुध अधिनियम की धारा 3/25 में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और फरार बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार सक्रिय हैं।
