देश की राजनीति और जनआंदोलनों के बीच एक अहम बयान सामने आया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से फोन पर बातचीत करने की जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान उन्होंने वांगचुक के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह किया।
अखिलेश यादव ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उनका समर्थन सोनम वांगचुक के सत्याग्रह के साथ है। हालांकि उन्होंने जनहित का हवाला देते हुए अपील की कि वांगचुक देशभर और दुनिया से आ रही अपीलों पर विचार करें, अपना अनशन समाप्त करें, स्वास्थ्य लाभ लें और फिर नई ऊर्जा के साथ अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएं।
पोस्ट में अखिलेश यादव ने कहा कि देश की युवा शक्ति, उनके परिवार और समर्थकों की भी यही इच्छा है कि सोनम वांगचुक स्वस्थ रहें, क्योंकि उनके नैतिक नेतृत्व की देश को आवश्यकता है। उन्होंने यह भी लिखा कि भविष्य में वे अपने आंदोलन को देशभर में व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाएं।
अपने पोस्ट में अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर भी राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने भाजपा पर लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और कहा कि देश में चल रहे आंदोलनों को व्यापक जनसमर्थन मिलने की जरूरत है।
इसी पोस्ट में अखिलेश यादव ने हाल के नीट परीक्षा विवाद और मंदिर में चोरी की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने इन घटनाओं को समाज के लिए गंभीर संकेत बताते हुए शिक्षा, चिकित्सा और धार्मिक आस्था के महत्व पर अपनी राय व्यक्त की।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि जिस तरह दुनिया भर का मीडिया सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य और आंदोलन को लेकर चिंता जता रहा है, उससे भारत की लोकतांत्रिक छवि पर असर पड़ने की बात भी सामने आती है। साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
अब आगे क्या?
अब यह देखना होगा कि सोनम वांगचुक अखिलेश यादव की अपील पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। फिलहाल उनकी ओर से इस अपील पर कोई सार्वजनिक जवाब सामने नहीं आया है। यदि इस मामले में कोई नई आधिकारिक जानकारी या बयान आता है, तो उस पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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